शोकसभा में शरीक होने के लिए व्यक्तिगत दौरे को सरकारी बनाकर महिला अधिकारी द्वारा सैलून को लखनऊ ले जाने का मामला रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी तक पहुंच गया है। दिल्ली से चीफ पब्लिक रिलेशन आफिसर (सीपीआरओ) नितिन चौधरी ने अंबाला के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) दिनेश चंद्र शर्मा से पूरे मामले का विवरण लिया। रविवार को अवकाश के बावजूद डीआरएम कार्यालय में बचाव के लिए जवाब तैयार कराया गया।








मालूम हो कि अंबाला में पदस्थ महिला रेल अफसर को शोक सभा में शरीक होने लखनऊ जाना था। सैलून ले जाने के लिए उनके इस निजी दौरे को सरकारी टूर बना दिया गया। चंडीगढ़ से लखनऊ जाने वाली चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस (12232) में बुधवार रात अंबाला में सैलून जोड़ा गया जो शुक्रवार सुबह लखनऊ से लौट आया। 1दूसरी तरफ, पूरे मामले में पर्दा डालने की कोशिश तेज हो गई है। लखनऊ दौरे का इंस्पेक्शन नोट भी बनाया जा रहा है।




अधिकारी के निजी दौरे पर कोई सवाल जवाब नहीं किया जा रहा, बल्कि लखनऊ में अधिकारी के साथ गए कर्मचारियों ने क्या-क्या किया और बैठक में क्या-क्या चर्चा हुई, इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शनिवार को उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने देर शाम जवाब तलब किया तो अधिकारियों ने बचाव के रास्ते ढूंढने शुरू कर दिए। रिकॉर्ड बताते हैं कि आरोपों के घेरे में आईं अधिकारी तीन साल में कभी अकेले सैलून लेकर लखनऊ नहीं गईं। इस बार निजी कार्यक्रम में परिवार सहित शामिल होने के लिए ही सैलून को लखनऊ ले जाया गया।




जानकार बताते हैं कि पूरे प्रकरण में अधिकारी की मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन ही सच से पर्दा उठाने के लिए काफी है। उत्तर रेलवे के सीपीआरओ नीतिन चौधरी ने बताया कि यह पूरा मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। डीआरएम अंबाला से भी विस्तार से चर्चा की गई है।’>>उत्तर रेलवे के अफसरों ने मांगा जवाब, सीपीआरओ ने डीआरएम से की बात1’>>पर्दा डालने के लिए लखनऊ दौरे का इंस्पेक्शन नोट बनाया