मार्च में एक लाख कर्मचारी घेरेंगे संसद: शिवगोपाल, 31 जनवरी से दो फरवरी तक करेंगे कर्मचारी जागरण, ’ तकनीक का करेंगे स्वागत,निजीकरण न होनें देंगे हम









एआईआरएफ के जनरल सेक्रेटरी शिवगोपाल मिश्र ने मंगलवार को कहा कि रेलकर्मी हर नई तकनीक का स्वागत करेंगे। मगर रेलवे को निजी हाथों में नहीं जाने देंगे। अगर सरकार ने इसकी कोशिश की तो देश में 1976 जैसे हालात(रेल चक्का जाम) हो जाएंगे। देश के एक लाख रेलकर्मी मार्च माह में संसद का घेराव करेंगे। एनआरएमयू की सेंट्रल काउंसिल में हिस्सा लेने आए मिश्र ने रेलवे स्टेडियम में पत्रकारों से बाचतीच में यह ऐलान किया।



बोले, संगठन रेलवे को सुरक्षित चलाने और बचाने के लिए इस साल सड़क से सदन तक जंग लड़ेगा। न्यू पेंशन स्कीम, रनिंग कर्मचारियों के भत्ते, स्टाफ की कमी और काम के घंटों को लेकर संगठन का प्रतिनिधिमंडल रेल मंत्री से मिला था। रेल मंत्री ने भरोसा दिलाया था कि रेलवे में निजीकरण की कोई बात नहीं है। लेकिन रेल मंत्री के इस बयान से संगठन सहमत नहीं है।



महामंत्री ने कहा कि आउटसोर्सिंग से काम हो रहे हैं। कारपोरेशन को रेल के काम दिए जा रहे हैं। रेलवे के तमाम शेड्स प्राइवेट कंपनियों को दिए जा रहे हैं। वर्ष 2004 के बाद सेवा में आए कर्मचारियों को पेंशन नहीं देने का सरकार ने विधान कर दिया है। यह शर्त कर्मचारियों को मंजूर नहीं है। संगठन की मांग पर सरकार इस प्रकरण में कर्मचारियों के हक के लिए सुप्रीम कोर्ट गई है। कर्मचारी नेता ने कहा सवालों को लेकर मार्च के पहले सप्ताह में(बजट सत्र के दौरान)देश के एक लाख कर्मचारी संसद पर मोर्चा लगाएंगे। इसके लिए 31 जनवरी से दो फरवरी तक कर्मचारी जागरण का अभियान चलेगा।