टेनों में सफर करनेवाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर। अब उन्हें े की तुलना में बेहतर और अपग्रेडेड सुविधाओं से लैस कोच में सफर का मौका मिलेगा। इसके लिए रेलवे ने पुराने पारंपरिक कोच और एलएचबी कोच को बेहतर रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 1 थर्ड एसी यात्रियों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय है। यही वजह है कि इस श्रेणी के कोच को प्राथमिकता के साथ अपग्रेड किया जा रहा है। इसके साथ ही स्लीपर कोच को भी सुविधायुक्त बनाया जा रहा है।








राजधानी और शताब्दी के यात्रियों के लिए प्रोजेक्ट स्वर्ण लांच किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत यात्रियों को टेन में कई आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसी की तर्ज पर पूर्व रेलवे ने अपने अधीन लिलुआ वर्कशॉप में पुराने कोचों को आधुनिक रूप देना शुरू कर दिया है।’थर्ड एसी मुसाफिरों के बीच काफी लोकप्रिय है।




इस श्रेणी के एलएचबी कोच को और बेहतर रूप दिया जा रहा है। कोच के बाहर फ्लोरोसेंट स्टीकर लगाए जा रहे हैं। अंदर आंखों को सुकून देनेवाले एस्थेटिक कलर की पेंटिंग की जा रही है। टॉयलेट खाली है या नहीं इसकी जानकारी दूर से मिल सके, इसके लिए सेंशर आधारित एलईडी इंडीकेटर लगाया जा रहा है। एयरक्राफ्ट डिजाइन के मॉडयूलर बेसिन के साथ कूड़ादान और नैपकिन बॉक्स सुगंधित वातावरण के लिए ऑटो जेनिटर सभी कोच के अंदर एलईडी लाइट रात्रि में सीट नंबर बतानेवाले एलईडी लाइट इंडीकेटर कोच के बाहरी हिस्से में ग्रैफिटी पेंटिंग की जा रही है जिससे कोई दाग या धब्बा नहीं लगेगा ’कोच के अंदर की सभी लाइट एलईडी पारंपरिक स्लीपर कोच के अंदरूनी हिस्से में एलईडी लाइट1’आपातकालीन खिड़की के लिए स्टीकर’एलएचबी के साथ पारंपरिक कोच को भी दिया जा रहा आधुनिक रूप1’प्रोजेक्ट स्वर्ण की तर्ज पर पूर्व रेलवे अपनी टेनों को दे रहा नया लुक




इन सुविधाओं का हो रहा विस्तार

धनबाद के यात्रियों को मिलेगा लाभ1पूर्व रेलवे से खुलनेवाली दो दर्जन से अधिक टेनें धनबाद होकर चलती हैं। यूं कहें कि धनबाद 90 फीसद तक पूर्व रेलवे पर ही निर्भर है। वहां से आनेवाली टेनों का लाभ धनबाद के आसपास के यात्रियों को भी मिलेगा।

पहल – आम यात्रियों को सफर में कम महसूस होगी थकान

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