अबराजधानी, शताब्दी, दुरंतो, हमसफर जैसे प्रीमियम ट्रेनों में टिकट कलेक्टर और टीटीई काली और नीली नहीं बल्कि अब ग्रे कलर की डिजाइनर यूनिफॉर्म में दिखेंगे। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की कमेटी की सिफारिश पर रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को ट्रेन अधीक्षक(सीटीआई) उप अधीक्षक (डिप्टी सीटीआई) को कमेटी द्वारा स्वीकृत यूनिफार्म उपलब्ध करवाने के आदेश दिए है।

रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर पैसेंजर मार्केटिंग रेलवे बोर्ड के शैली श्रीवास्तव ने कहा है कि जोनों के जीएम और संबंधित अधिकारी यूनिफार्म री डिजाइनिंग पर काम करते हुए टीसी और टीटीई को नई यूनिफार्म उपलब्ध करवाएं। ज्ञात हो कि चार सदस्यों की कमेटी ने यूनिफार्म री-डिजाइनिंग की सिफारिश चार सदस्यों की कमेटी ने की थी।








शैली श्रीवास्तवा के अनुसार री-डिजाइनिंग यूनीफार्म में सफेद रंग की पूरी बाजू की शर्ट के साथ ग्रे कलर का कोट जिस पर तीन गाेल्डेन स्ट्रिप्स ट्रेन अधीक्षक और दो स्ट्रीप ट्रेन के उप अधीक्षक के लिए तय की गई है। कोट की सीने वाली जगह पर बनी पॉकेट पर भारतीय लोगो को भी जगह दी गई है। गौरतलब हो कि मौजूदा समय में नीले काली पैंट को हटाकर इन कर्मचारियों को ग्रे कलर की पैंट दिया जाएगा।

रेलवे के कायाकल्प में जुटी केंद्र सरकार अब कर्मचारियों के कपड़ों का नवीनीकरण करने जा रही है. मशहूर डिज़ाइनर रितु बेरी के डिज़ाइनों को मना करने के बाद सरकार ने खुद की मौजूदा ड्रेस में कुछ बदलाव करने का फैसला किया है. सरकार अभी प्रीमियम ट्रेनों में टीटीई की ड्रेस में बड़ा बदलाव कर रही है.

बता दें कि सरकार ने इस विषय के लिए कमेटी का गठन किया था. कमेटी की सिफारिशों को रेलवे बोर्ड ने स्वीकार किया है. अब राजधानी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में ये बदलाव लागू होने जा रहे हैं.




नई ड्रेस कुछ इस प्रकार होगी…

– सफेद कलर की फुल स्लीव शर्ट

– ग्रे कलर का कोट, जिसमें तीन गोल्डन स्ट्रीप होंगे. छाती वाली जेब पर भारतीय रेलवे का लोगो होगा.

– ग्रे कलर की पैंट

– ग्रे कलर का वेस्ट कोट, जिसमें छाती वाली जेब पर भारतीय रेलवे का लोगो होगा.

– रेलवे के लोगो के साथ लाल कलर की टाई

बेरी के डिजाइन ठुकराए

आपको बता दें कि मशहूर डिजाइनर रितु बेरी ने 6 महीने की मेहनत के बाद रेलवे के फ्रंट स्टाफ के लिए 12 तरह की ड्रेस डिजाइन की थी. इस साल फरवरी में उन्होंने रेलवे बोर्ड के आला अफसरों को ये डिजाइन दिखाए लेकिन किसी भी मेंबर को ये डिजाइन पसंद नहीं आए.




बेरी ने अपने डिजाइन्स को रेल शिविर के दौरान भी दिखाया था. इसके बाद उन्हें डिजाइनों में सुधार के लिए कुछ सुझाव दिये गए थे. हालांकि सुझाव के बाद तैयार डिजाइनों को भी रेलवे बोर्ड हरी झंडी नहीं दे पाया था.

रेलवे अधिकारियों की सफाई

रेलवे बोर्ड के एक आला अधिकारी का कहना है कि रेलवे के कर्मचारियों का वास्ता ज्यादातर आम आदमी से पड़ता है और डिजाइनर कपड़े उनपर कुछ अजीब लग सकते हैं.

अधिकारी के मुताबिक रितु बेरी की पोशाकें मॉडल्स पर तो जंच सकती हैं लेकिन रेलवे कर्मचारी इनमें अजूबा भी लग सकते हैं. हालांकि कोई बी अधिकारी ये नहीं बता पा रहा है कि ड्रेसेज में कौन से बदलाव किये जाने चाहिए.