रेल यात्री जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस अनुभूति कोच का आनंद उठा सकेंगे। इंटिग्रेटेड कोच फैक्ट्री, चेन्नई में तैयार पहला अनुभूति कोच नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच गया है। इसमें हवाई जहाज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। रेल अधिकारी इसका निरीक्षण करेंगे जिसके बाद इसे किसी ट्रेन में लगाया जाएगा। कोच में 56 यात्रियों के बैठने की सुविधा है। इसलिए इसे गतिमान या किसी शताब्दी एक्सप्रेस में लगाए जाने की उम्मीद है। 1वर्ष 2013 के रेल बजट में अनुभूति कोच बनाने की घोषणा की गई थी।








चार वर्षो के बाद यह कोच बनकर तैयार हुआ है। लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) तकनीक से तैयार इस कोच में आकर्षक साजसज्जा के साथ ही यात्रियों की सुविधा का पूरा खयाल रखा गया है। यात्र के दौरान यात्रियों को थकान महसूस नहीं हो इसके लिए दो सीटों के बीच में ज्यादा जगह है। प्रत्येक सीट में पैर रखने के लिए स्पोर्टर भी लगा हुआ है। इसके साथ ही प्रत्येक सीट में ट्रे भी लगाया गया है। यदि इसका उपयोग नहीं करना हो तो इसे फोल्ड भी किया जा सकता है। तेजस कोच की तरह इसकी प्रत्येक सीट के पीछे नौ इंच की एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। इस पर यात्री फिल्म व संगीत का आनंद उठा सकेंगे।




इसके साथ ही कोच में यात्री हॉटस्पॉट के जरिये अपने मोबाइल में गाने भी डाउनलोड कर सकते हैं। यात्रियों को मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने में परेशानी नहीं हो इसके लिए सीट के पास ही चार्जिग प्वाइंट बनाए गए हैं। इसके दरवाजे भी आधुनिक हैं। कोच में मुख्य दरवाजे से अंदर जाने के बाद दूसरे दरवाजे में सेंसर लगाया गया है। शौचालय खाली है या नहीं इसकी जानकारी भी यात्रियों को मिल जाएगी। इसके लिए विशेष संकेतक लगाए गए हैं। शौचालय में गंदगी न फैले इसका विशेष ध्यान रखा गया है।




यात्र के दौरान आने वाले स्टेशन की जानकारी भी यात्रियों को मिलती रहेगी। इसके लिए कोच के मध्य में डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है। ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के माध्यम से स्क्रीन पर सही जानकारी उपलब्ध होगी।अनुभूति कोच के अंदर का दृश्य ’ फाइल फोटो’>>इंटिग्रेटेड कोच फैक्ट्री में तैयार पहला अनुभूति कोच नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा, एक कोच में 56 यात्रियों के बैठने की है सुविधाअनुभूति कोच

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