यात्रियों की परेशानिया जानने के लिए रेलवे बोर्ड ने जारी किया ऐसा निर्देश की अधिकारियों की बढ़ गई परेशानी, रेलवे तैयार कर रहा एक्शन प्लान, कार्य योजना में बोर्ड सदस्यों से डीआरएम तक होंगे शामिल

देश की लाइफ लाइन कही जाने वाली भारतीय रेल में रोजाना करोड़ों लोग सफर करते हैं, लेकिन यात्री सुविधा के नाम पर आज भी यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। सफर में कई तरह की समस्याएं यात्रियों को होती हैं और इनकी शिकायतें भी उच्च प्रबंधन तक पहुंचती है, लेकिन इनका पूरी तरह निस्तारण नहीं हो पाता था। अब इन सबसे निजात दिलाने के लिए रेलवे एक्शन प्लान तैयार करने में जुट गया है।








इसके तहत ट्रेन यात्रियों की तकलीफ, परेशानियों को जानने के लिए रेलवे के आला अफसरों को निचले दर्जे (स्लीपर या सामान्य) कोच में सफर करना पड़ेगा। हाल ही रेलवे बोर्ड ने इस तरह के निर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक इस कार्य योजना में बोर्ड के सदस्यों से लेकर डीआरएम तक शामिल रहेंगे।

रेलवे अधिकारियों से कहा गया है कि अब उन्हें वातानुकूलित दर्जों के अलावा स्लीपर क्लास में भी चलना होगा, ताकि यात्रियों का दुख-दर्द समझ सकें। सामान्य तौर पर फस्र्ट एसी कोच में चलने वाले अधिकारियों को सेकंड एसी और सेकंड एसी वालों को थर्ड एसी में चलना होगा।




वहीं थर्ड एसी में चलने वाले अधिकारियों को स्लीपर कोच में सफर कर यात्रियों से रूबरू होना पड़ेगा। निरीक्षण के लिहाज से रेल अधिकारी किसी भी निचले दर्जे में यात्रा का चुनाव कर सकता है। उसके साथ कोई तामझाम नहीं रहेगा।

तीन माह में करना होगा निरीक्षण
रेलवे बोर्ड के सदस्य, जीएम और डीआरएम को हर तीन माह में एक बार इस तरह की निरीक्षण यात्रा कर यात्रियों के बीच ज्यादा से ज्यादा समय बिताना होगा, ताकि यात्रियों की सफर में होने वाली परेशानियों को दूर किया जा सके।




यह करना होगा
ट्रेनों में साफ.-सफाई, खान-पान तथा सुरक्षा की स्थिति कैसी है, इस पर खासतौर से रेलवे अधिकार यात्रियों से फीडबैक लेंगे। सुझाव लेंगे और समस्याएं सुनेंगे। भोजन की गुणवत्ता परखेंगे। उसके आधार पर समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।

किया जाएगा अमल
समय-समय पर ट्रेन यात्रियों से फीडबैक लेते हैं। सुझाव भी मांगते हैं। निरीक्षण के दौरान सामान्य कोच में भी पहुंचते हैं। नए सिरे से कार्य योजना आ रही है, उस पर अमल किया जाएगा।
सीआर कुमावत, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक (बीकानेर)

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