ट्रेनों का टाइम टेबल पहली नवंबर से बदलेगा

मुरादाबाद : ट्रेनों का नया टाइम टेबल इस बार पहली अक्टूबर के बजाय पहली नवंबर से जारी किया जाएगा। मरम्मत के लिए तीन घंटे तक रेल लाइन को खाली रखने की योजना पर भी रेलवे काम कर रहा है, जिसके चलते आल इंडिया टाइम टेबल की संयुक्त बैठक का समय भी बढ़ाया गया है। उत्कल और कैफियत एक्सप्रेस दुर्घटना के बाद केंद्र सरकार की फजीहत हुई है। लगातार हो रही घटना से यह सामने आया है कि लगातार ट्रेनें और मालगाड़ी के संचालन होने से रेल लाइन बदलने व मरम्मत करने का समय रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के टीम को नहीं मिलता है।








रेल अधिकारियों ने रेल लाइन की मरम्मत व रख रखाव के लिए प्रत्येक दिन कम से कम तीन घंटे रेल लाइन पर ट्रेनों का संचालन बंद रखने का सुझाव दिया है। रेल मंत्रलय ने सभी रेल मार्गो पर तीन घंटे ट्रेन संचालन बंद करने के लिए नये टाइम टेबल में ट्रेनों का समय निर्धारित करने का आदेश दिया है। जब आल इंडिया टाइम टेबल संयुक्त बैठक में शामिल अधिकारियों को आदेश मिला, तब तक पहली अक्टूबर से नई टाइम टेबल जारी करने को तैयार किया जा चुका था। नये आदेश के बाद फिर से नया टाइम टेबल बनाने को मंथन शुरू कर दिया गया। टाइम टेबल की संयुक्त बैठक में मुरादाबाद रेल मंडल के एक अधिकारी शामिल है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चल रहे टाइम टेबल की अवधि 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। पहली नवंबर से नया टाइम टेबल जारी किया जाएगा।




सभी अधिकारी देखेंगे ट्रेन संचालन का काम

रेलवे के लेखा विभाग, आरपीएफ और कार्मिक विभाग के अधिकारी मिलकर ट्रेन संचालन का काम देखेंगे। इसके अलावा यात्रियों की सुविधाओं पर भी नजर रखेंगे। मंडल रेल प्रशासन ने इसके लिए अधिकारियों की एक-एक दिन की ड्यूटी लगाई है। रेलवे में अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग विभाग बने हुए हैं। इसमें आला अधिकारी भी तैनात हैं। ट्रेनों के संचालन का काम परिचालन विभाग और यात्रियों के लिए सुविधाओं की व्यवस्था की जिम्मेदारी वाणिज्य विभाग को करनी पड़ती है, जबकि आरपीएफ, कार्मिक, लेखा और स्टोर विभाग के अधिकारियों को ट्रेन संचालन व यात्री सुविधाओं के संबंध में किसी तरह का भी काम नहीं करना पड़ता है। इंजीनियरिंग विभाग रेल लाइन की मरम्मत करने, यात्रियों की पानी उपलब्ध कराने, विद्युत विभाग बिजली उपलब्ध कराने, यांत्रिक विभाग इंजन और कोच की देखरेख करने, सिग्नल विभाग सिस्टम को ठीक करने का काम करता है। वाणिज्य विभाग यात्रियों को टिकट के साथ ही अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराता है।




मुख्यालय के आदेश के बाद अब सभी अफसरों को अपने काम के साथ एक दिन परिचालन और यात्री सुविधा से संबंधित काम भी करना पड़ेगा। मंडल रेल प्रशासन ने इस संबंध में एक-एक दिन काम देखने के लिए रोस्टर चार्ट भी जारी कर दिया है। नामित अधिकारी दिन में कंट्रोल रूम में बैठेंगे और ट्रेन संचालन व इससे जुड़े सभी काम देखेंगे। इसके अलावा यात्रियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देंगे। उक्त चार्ट के अनुसार त्योहार पर छुट्टी वाले दिन भी अधिकारियों को काम करना पड़ेगा। 1अपर मंडल रेल प्रबंधक राजीव मिश्र ने बताया कि मुख्यालय से आदेश के बाद अधिकारियों की एक-एक दिन की ड्यूटी लगा दी गई है। अधिकारियों को केवल दिन में कंट्रोल रूम में ड्यूटी करनी होगी। रात में परिचालन विभाग के अधिकारी काम संभालेंगे।’

>रेल प्रशासन ने दिन वार लगाई अधिकारियों की ड्यूटी

>सुरक्षित ट्रेन संचालन और यात्रियों की सुविधा के लिए की पहल

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