मालगाड़ी के आगे खड़े होकर गैंगमैन ने रेल हादसा रोका

बरेली कार्यालय संवाददाता पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के कासगंज में बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। रेल पथ निरीक्षक ने बिना कॉशन और स्टेशन मास्टर को सूचना दिए आधी रात को रेल क्रॉसिंग पर काम शुरू करा दिया। पटरी खोलकर काम कर रहे गैंगमैनों ने जब ट्रैक पर मालगाड़ी आते देखी तो सभी चिल्लाने लगे। फिर वे कमीजों की झंडी बनाकर मालगाड़ी की ओर दौड़े। लोको पायलट ने जैसे ही उन्हें देखा मालगाड़ी रोक दी। अगर पांच मिनट भी देरी हो जाती तो मालगाड़ी क्रॉसिंग पर पलट सकती थी।








कासगंज के रेल सूत्रों ने बताया कि इन दिनों ट्रैक मैंटीनेंस को लेकर बहुत ज्यादा सख्ती है। दिन में कॉशन की समस्या रहती है। इसलिए कासगंज के एक रेल पथ निरीक्षक ने 22 सितंबर की रात 1:40 बजे रेल क्रॉसिंग पर ट्रैक का काम शुरू करा दिया, लेकिन इसकी सूचना उन्होंने स्टेशन मास्टर को नहीं दी। आधी रात को ट्यूब लाइट की रोशनी में क्रॉसिंग पर काम कराया जा रहा था। काम के दौरान पटरी को अलग हटा दिया गया था। रेल पथ निरीक्षक ने 10-15 गैंगमैन की टीम लगा दी इसके बाद खुद बंगले पर सोने चले गए। काम चल ही रहा था तभी अचानक उसी ट्रैक पर मालगाड़ी आ गई।




पटरी के बीच गैप आ गया था। उसे ठीक कराया जा रहा है। रेल पथ निरीक्षक ने 10 किलोमीटर की रफ्तार से कॉशन लिया था। जिसने भी बिना कॉशन के काम कराने की सूचना दी है, वह गलत है। -राजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, इज्जतनगर रेल मंडल

गैंगमैन ड्यूटी पर या नहीं, अब जीपीएस से नजर

हाल ही में हुए दो रेल हादसों के बाद उत्तर मध्य रेलवे निगरानी तंत्र को मजबूत करने में जुट गया है। रेलवे ट्रैक

की निगरानी में सबसे महत्वपूर्ण गैंगमैन अपने इस काम में कितना सक्रिय हैं, अब इस पर नजर रखी जाएगी। दरअसल, मुजफ्फरनगर और औरैया में हुए रेल हादसों के पीछे गैंगमैनों की कार्य प्रणाली पर सवाल उठे थे। उत्तर मध्य रेलवे गैंगमैनों की लोकेशन, उनकी गतिविधियों की मानीट¨रग जीपीएस के जरिए करेगा। इसके लिए गैंगमैनों को जीपीएस डिवाइस से लैस किया जाएगा।




पूरे देश में उत्तर मध्य रेलवे यह व्यवस्था सबसे पहले लागू कर रहा है। इससे रेल लाइन पर काम करने वाले गैंगमैन की रियल टाइम मानीट¨रग हो सकेगी। मौके पर जो कमियां हैं, उनकी रियल टाइम चे¨कग भी हो सकेंगी। अगर कोई लापरवाही होगी तो वह भी पकड़ में आ जाएगी। जीपीएस लगने से गैंगमैन की लोकेशन कंट्रोल रूम से जानी जा सकेगी। रेलवे ने कंट्रोल रूम टूंडला, कानपुर और इलाहाबाद में बना रखे हैं। उत्तर मध्य रेलवे का क्षेत्र इलाहाबाद से लेकर दिल्ली तक करीब साढ़े सात सौ किलोमीटर का है। गैंगमैन हर सेक्शन में पीडब्ल्यूआइ के अधीन काम करते हैं। इनके इंचार्ज सेक्शनल सीनियर डिवीजनल इंजीनियर दिनभर की गतिविधियों की निगाह रखेंगे और निर्देश जारी करेंगे। नई व्यवस्था के बाद गैंगमैन के अन्यत्र स्थानों पर ड्यूटी करने के मामलों पर भी विराम लगेगा।

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गैंगमैनों को जल्द जीपीएस डिवाइस दी जाएगी। उत्तर मध्य रेलवे देश में पहला ऐसा मंडल होगा जो गैंगमैनों को जीपीएस से लैस करेगा। इससे उनकी कार्यक्षमता को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

-गौरव कृष्ण, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे।

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