सेवानिवृत्त गैंगमैन हादसे रोकेंगे,  रेलयात्री खाने की गुणवत्ता पर प्रतिक्रिया टैबलेट से देंगे

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बेपटरी होती ट्रेन की रोकथाम के लिए रेलवे के पुराने संरक्षा कर्मियों पर भरोसा जताया है। इसके तहत सेवानिवृत्त गैंगमैन, ट्रैकमैन, कीमैन जैसे संरक्षा कर्मियों को पुन: पटरी मरम्मत काम पर लगाया जाएगा। हालांकि संरक्षाकर्मियों की रेलवे में सीधी भर्ती करने के बजाए ठेके पर रखा जाएगा।रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पटरी मरम्मत और रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस हफ्ते कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।








रेल मंत्री के नए आदेश के तहत अब सेवानिवृत्त गैंगमैन, ट्रैकमैन, कीमैन आदि संरक्षाकर्मियों की भर्ती की जाएगी। जिससे पटरियों की मरम्मत, रख रखाव, निगरानी कार्य विधिवत ढंग से हो सके। जानकारों का कहना है कि रेलवे ने पटरी मरम्मत का अधिकांश काम ठेके पर दे दिया है। निजी कंपनियों के कर्मियों को रेल संरक्षा अनुभव नहीं है। जिससे पटरी मरम्मत का कार्य प्रभावित हो रहा है।डीआरएम सेवानिवृत्त संरक्षाकर्मियों को ठेके पर रखेंगे। जो संरक्षाकर्मी मरम्मत कार्य लायक नहीं है उनसे पटरी मरम्मत का निगरानी का काम कराया जाएगा। इससे ठेकेदारी प्रथा के तहत होने वाले काम में गुणवत्ता आएगी।




सूत्रों का कहना है कि मौजूदा समय में 13 लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। इसमें 60 फीसदी संरक्षाकर्मी हैं। रेलवे के इस फैसले से संरक्षाकर्मियों का टोटा समाप्त हो जाएगा। रेलवे बोर्ड के इस हफ्ते नए आदेश के तहत गैंगमैन-ट्रैकमैन, कीमैन जैसे संरक्षा कर्मियों को इंजीनियरिंग विभाग से हटाकर ट्रेन ऑपरेशन विभाग के आधीन कर दिया गया है। प्रमुख रेल मार्गो पर ट्रेनों के भारी दबाव के कारण पटरी मरम्मत के लिए ट्रेन ऑपरेशन विभाग ब्लॉक देने में अनाकानी करते हैं। ब्लॉक न देने से ट्रेन रोकनी पड़ती हैं, उनका समयपालन गड़बड़ाता है। उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसा ब्लॉक नहीं मिलने के कारण हुआ था।

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने पटरी मरम्मत कार्य की दशकों पुरानी अड़चन को दूर करते हुए संरक्षाकर्मियों को इंजीनियरिंग विभाग से हटाकर ट्रेन ऑपरेशन विभाग से संबंद्ध कर दिया है। इससे मरम्मत कार्य के लिए ब्लॉक मिलने की समस्या समाप्त हो गई है। साथ ही गोयल ने रेलवे डिविजनल मैनेजर (डीआरएम) की वित्तीय अधिकार बढ़ा दिए हैं। पटरी मरम्मत और रख रखाव का बजट भी बढ़ा दिया है।

आरपीएफ अब सदस्य यातायात के अधीन




रेलमंत्री ने रेल सुरक्षा बल को रेलवे बोर्ड के सदस्य कार्मिक से हटाकर सदस्य यातायात के आधीन कर दिया है। सदस्य यातायात की जिम्मेदारी यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों का परिचालन, रेल संपत्ति व यात्रियों की सुरक्षा का दायित्व होता है। आरपीएफ का काम ट्रेन-स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा व रेल संपत्ति की निगरानी का काम है। सदस्य कार्मिक से इसका कोई लेना देना नहीं है। इसलिए आरपीएफ को सदस्य यातायात के आधीन कर दिया है।

प्रीमियम ट्रेनों के यात्री जल्द ही एक नई योजना के तहत टैबलेट के जरिये ट्रेन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता का मूल्यांकन कर पाएंगे। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्री रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए एक टैबलेट पर ऑनलाइन फार्म से अपना फीडबैक दे सकेंगे।

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