केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये करने की तैयारी में है। त्योहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले मिलने जा रही इस सौगात से लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा।
हालांकि कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि इसे 25 हजार कर दिया जाए। संकेत हैं कि बढ़ा हुआ वेतन एक जनवरी, 2016 से लागू किया जाएगा। सातवें वेतन आयोग के तहत 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 52 लाख पेंशनभोगियों को बढ़े हुए भत्ते का तोहफा दे चुकी केंद्र सरकार महंगाई से तालमेल बिठाने के मकसद से न्यूनतम वेतन को बढ़ाने पर विचार कर रही है।







सातवें वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन को 18 हजार रखने की अनुशंसा की थी, जिसे सरकार ने मान लिया था। लेकिन कर्मचारी यूनियनें लगातार इसका विरोध कर रही थी। इसके मद्देनजर इस पर पुनर्विचार किया जा रहा है।




सूत्रों ने बताया  कि वित्त मंत्री अरुण जेटली न्यूनतम वेतन को 18 हजार रुपये से बढाने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि इससे खासतौर पर निचले स्तर के कर्मचारियों को फायदा होगा।




इससे महंगाई से मुकाबला करने के साथ वेतन में असमानता दूर करने में भी काफी मदद मिलेगी। वित्त मंत्रालय का मानना है कि निचले स्तर के कर्मचारियों का वेतन बढ़ने और एरियर मिलने से उनकी खरीद क्षमता में बढ़ोतरी होगी। इसका सकारात्मक असर उपभोक्ता बाजार पर भी पड़ेगा, जिसका फायदा अर्थव्यवस्था को मिलेगा।