धनबाद : उत्तर प्रदेश में लगातार हुए दो रेल हादसों के बाद अब महकमा रिस्क लेने के मूड में नहीं है। रेलवे टैक की 24 घंटे पहरेदारी को लेकर विशेष पहल की जा रही है। बोर्ड स्तर पर यह आदेश जारी किया गया है कि किसी भी सूरत में ट्रैकमैन रेल अधिकारी के घर पर काम नहीं करेंगे। बंगलों पर ट्रैकमैन से ड्यूटी लेनेवालों की मॉनीटरिंग की जाएगी। डीआरएम कार्यालय में कार्यरत टैकमैन टैक की निगरानी करने जाएंगे। रेलवे बोर्ड को लगातार ऐसी शिकायतें मिलती रही हैं कि रेलवे के अधिकारी ट्रैकमैन से अपने बंगलों पर काम ले रहे हैं। पैरवी की बदौलत कई ट्रैकमैन मनचाहा स्थानों पर ड्यूटी कर रहे हैं। नए चेयरमैन ने बंगलों में काम करनेवाले ट्रैकमैन को लाइन में भेजने का आदेश दिया है। साथ ही डिवीजन के सभी सीनियर डीइएन और डीइएन को शपथपत्र देने को कहा गया है जिसमें उन्हें बताना होगा कि उनके घर पर कोई ट्रैकमैन काम नहीं कर रहा है।








>बंगला और डीआरएम कार्यालय छोड़ करेंगे टैक की पहरेदारी

>ट्रैकमैन से घरेलू काम लेने वालों अधिकारियों की होगी मॉनीटरिंग

मैडम नहीं मनाएंगी तीन महीने तक पार्टी

रेलवे महिला कल्याण संगठनों के कार्यक्रमों पर अगले तीन महीने के लिए रोक रहेगी। यानी संगठन की ओर से पार्टी जैसा कोई आयोजन नहीं होगा। निरीक्षण के बाद अधिकारियों की पार्टी परंपरा पर भी विराम लगेगा।




ट्रैक की मौजूदा स्थिति से अवगत कराएंगे डीआरएम

10 सितंबर तक पटरियों की स्थिति डीआरएम चेयरमैन को बताएंगे। उन्हें टैक का निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। पटरियों के प्वाइंट, कर्व, आरआरआइ और केबिन की जांच कर रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट भेजनी है। संरक्षा में होनेवाले बदलाव और जरूरी उपकरण का भी विवरण बोर्ड को भेजना है। यह व्यवस्था पूरे देश में एक साथ होगी




दक्षिण पूर्व रेलवे ने दफ्तरों से हटाए ट्रैकमैन

रेलवे बोर्ड से जारी आदेश के बाद सोमवार को दक्षिण पूर्व रेलवे ने कार्यालय व बंगले में कार्यरत सभी टैकमैन को हटाकर लाइन में भेज दिया।

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