विस/पीटीआई, खतौली/नई दिल्ली: पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के शनिवार को पटरी से उतरने के पीछे लापरवाही की बात रेलवे के अफसरों ने लगभग मान ली है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु के अल्टिमेटम के बाद रविवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 अफसर सस्पेंड कर दिए गए। रेलवे बोर्ड के एक मेंबर समेत 3 टॉप अफसरों को छुट्टी पर भेज दिया गया जबकि एक का तबादला किया गया है। हाल के बरसों में रेलवे बोर्ड के मेंबर के खिलाफ ऐक्शन का यह पहला मामला माना जा रहा है। इस हादसे में 23 लोगों की मौत हो चुकी है, 100 से ज्यादा घायल हैं।









छुट्टी पर भेजे गए अफसरों में रेलवे बोर्ड के मेंबर (इंजीिनयर), दिल्ली के डिविजनल रीजनल मैनेजर (डीआरएम) और जीएम (उत्तर रेलवे) हैं। रेलवे बोर्ड के मेंबर सचिव स्तर के अधिकारी होते हैं। चीफ ट्रैक इंजीनियर (नॉर्दर्न रेलवे) का तबादला किया गया है। जूनियर इंजीनियर (ट्रैक), सीनियर सेक्शन इंजीनियर (ट्रैक), असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर और सीनियर डिविजनल इंजीनियर सस्पेंड किए गए हैं। इससे पहले, रेलवे बोर्ड के मेंबर (ट्रैफिक) मोहम्मद जमशेद ने हादसे के पीछे लापरवाही की बात एक तरह से मानते हुए घटनास्थल पर पटरियों की मरम्मत के औजार मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि जांच से पता चलेगा कि क्या ट्रैक पर बिना इजाजत मेंटेनेंस का काम किया जा रहा था।




कर्मचारियों ने ही खोली पोल : दो रेल कर्मचारियों की बातचीत का एक ऑडियो रविवार को सामने आया। इसमें घटनास्थल पर तैनात एक गेटमैन बता रहा है कि पटरी पहले से टूटी थी। वहां मरम्मत चल रही थी। इसके लिए न तो इजाजत ली गई और न ट्रेन रोकने को सिग्नल दिया गया। ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।




मुजफ्फरनगर के खतौली में क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटाकर ट्रैक खोलने के काम पर फोकस रहा•एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ: यूपी एटीएस की पड़ताल में रेल हादसे के पीछे किसी तरह की आतंकी साजिश होने की बात सामने नहीं आई है। एडीजी एलओ और एटीएस आनंद कुमार ने बताया कि अभी तक ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं जिसमें किसी तरह का टेरर एंगल हो। उधर, इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ जीआरपी थाने में आपराधिक आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है।

‘एक्सिडेंट के पीछे टेरर एंगल के सबूत नहीं’

पहला सबूत मिलते ही जिम्मेदारी तय होगी, ढिलाई की इजाजत किसी को नहीं है। – रेल मंत्री

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