अब दुर्गापूजा तक सपरिवार करें टेनों में सस्ता सफर

जीएसटी से बढ़े आधा फीसद किराए का बोझ कम करेगा ई-टिकट ऑनलाइन बुकिंग पर 30 सितंबर तक सर्विस चार्ज नहीं

अगर आप टेनों की एसी श्रेणी में सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए खास है। जीएसटी के प्रभावी होने से जहां आपको आधा प्रतिशत अधिक टैक्स चुकाना पड़ रहा है और उससे थोड़ी मायूसी है वहीं अब ऑनलाइन टिकट बुक करते ही आपके चेहरे पर हल्की मुस्कान छा जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि ई-टिकट की बुकिंग पर वसूला जानेवाला सर्विस चार्ज अब 30 सितंबर तक नहीं चुकाना होगा।








इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आइआरसीटीसी) के इस फैसले से अब एसी में यात्र करने वालों को 40 रुपये की बचत होगी। सेवा विस्तार का लाभ उन लाखों यात्रियों को होगा जो दुर्गापूजा की छुट्टियां बिताने अपने परिवार के साथ देश के विभिन्न गंतव्यों तक सफर करेंगे। 1दरअसल, टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने इस सेवा को विस्तार दिया है। एसी के साथ-साथ स्लीपर के यात्रियों को भी सर्विस चार्ज से मुक्त रखा गया है।




ई-टिकट की बुकिंग पर स्लीपर में 20 और एसी में 40 रुपये प्रति टिकट का सर्विस चार्ज चुकाना पड़ता है। कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए 23 नवंबर 2016 से 31 मार्च 2017 तक ई-टिकट की बुकिंग पर सर्विस चार्ज हटाने का निर्णय लिया गया था। बाद में इसे बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया गया। अब सितंबर तक यह सेवा बरकरार रहेगी। इस वर्ष नवरात्रि सितंबर माह में ही है जिससे देशभर के लाखों यात्रियों को सेवा का लाभ मिलेगा।जागरण संवाददाता, धनबाद : धनबाद से आसनसोल के बीच चलने वाली पैसेंजर टेन गुरुवार को बगैर सूचना के रद कर दी गई। इससे यात्रियों को काफी परेशानी ङोलनी पड़ी। धनबाद सहित अन्य स्टेशन पर यात्री टेन का इंतजार करते रहे।




रेलवे के अनुसार प्रधानखंता के समीप रेलवे टैक पर मेंटिनेंस का काम चल रहा है जिस वजह से गुरुवार को टेन रद की गई। हालांकि रद होने की पूर्व सूचना जारी नहीं की गई थी। अप लाइन में मेंटिनेंस के कारण आसनसोल से टेन नहीं खुली जिस वजह से धनबाद से भी परिचालन नहीं हुआ। धनबाद-चंद्रपुरा रेलखंड की टेनों के बंद होने के बाद आसनसोल ही धनबाद और आसपास के यात्रियों के लिए विकल्प है जहां से विभिन्न गंतव्यों की टेन में सफर के लिए काफी संख्या में यात्री धनबाद से आसनसोल जाते हैं। इस टेन को अचानक बंद करने से सैंकड़ों यात्रियों की परेशानी बढ़ गई।

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