इंडियन रेलवे का होगा कायाकल्प, सरकार ने की भारी निवेश की तैयारी
अगले दो साल में होगा दो लाख करोड़ का निवेश

लाइनों के दोहरीकरण और तिहरीकरण की तैयारीदेशभर में रेल लाइनों के विद्युतीकरण की भी योजनाअगले माह तक पूर्वोत्तर की सभी रेल लाइनें ब्राड गेज होंगीपूर्वोत्तर के सभी राज्यों की राजधानी में रेल संपर्क होगादिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग सेमी हाईस्पीड बनाने का काम शुरू
अगले पांच साल में इंडियन रेलवे का पूरी तरह कायाकल्प हो जाएगा और यह नए रंग रूप में दिखाई देने लगेगी। इंडियन रेलवे मौजूदा नेटवर्क की विस्तार योजना को और गति देने के लिए अगले साल दो लाख करोड़ रपए से अधिक का पूंजीगत निवेश करेगा जो इस साल के 1.21 लाख करोड़ के पूंजीगत की तुलना में करीब 90 प्रतिशत अधिक है।रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने यहां आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में प्रसारित वीडियो संदेश में यह जानकारी दी।

सम्मेलन में मौजूद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ए. के. मित्तल ने यहां सम्मेलन में इस बारे में र्चचा करते हुए कहा कि यह राशि मौजूदा नेटवर्क की क्षमता विस्तार में निवेश की जाएगी। दोहरीकरण, तिहरीकरण, विद्युतीकरण, नई लाइनों का निर्माण एवं सिगनलिंग आधुनिकीकरण के माध्यम से रेलवे नेटवर्क की क्षमता विस्तार के लिए पांच साल में 8.56 लाख करोड़ रपए के निवेश की योजना तैयार की है।श्री मित्तल ने कहा कि 2014-15 में 45 हजार करोड़ रपए से 2015-16 में 93 हजार करोड़ रपए और 2016-17 में एक लाख 21 हजार करोड़ रपए का निवेश किया गया है और अगले साल दो लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रेलवे को बजटेत्तर निवेश जुटाने में कोई दिक्कत नहीं है। भारतीय जीवन बीमा निगम से डेढ़ लाख करोड़ रपए के निवेश का करार है। इसके अलावा बांड और विदेशी निवेश अलग आ रहा है।उन्होंने बताया कि रेलवे ने पूर्वोत्तर में विशेष ध्यान दिया है और अगले माह के अंत तक पूर्वोत्तर क्षेत्र को रेलवे की मीटर गेज यानी छोटी लाइन को पूरी तरह से मुक्त करके बड़ी लाइन यानी ब्राड गेज में बदल दिया जाएगा।

पूर्वोत्तर में तेजी से क्षमता विस्तार का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 तक पूर्वोत्तर के हर राज्य की राजधानी को रेल नेटवर्क को जोड़ दिया जाएगा। क्षमता विस्तार कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि रेलवे के 16 प्रतिशत मार्ग पर 60 प्रतिशत का यातायात चलता है। इन मागरें पर क्षमता विस्तार के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ पूर्व में लुधियाना से दानकुनी और पश्चिम में दादरी से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (जेएनपीटी) तक समर्पित मालवहन गलियारा (डीएफसी) का काम तेजी से चल रहा है। 2019 तक ये पूरी तरह से चालू हो जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई मार्ग पर सभी गाड़ियों की अधिकतम गति बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इन दोनों मागरें को सेमीहाई स्पीड मार्ग में बदलने का काम शुरू कर दिया गया है। सिगनलिंग एवं अन्य आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं ताकि 2018 तक गाड़ियों को 160 की गति से चलाया जा सके। ऊर्जा बिल में कटौती के उपायों पर र्चचा करते हुए श्री मित्तल ने कहा कि रेलवे ने ऊर्जा बिल को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। विभिन्न राज्यों से बिजली खरीद के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लिए जा रहे हैं। रेलवे रात के समय में बिजली की आपूत्तर्ि लेगी जो कम दर पर उपलब्ध होगी।महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और झारखंड से एनओसी ली जा चुकी है जबकि राजस्थान से जल्द ही मिलने की आशा है। रेलवे ने करीब तीन हजार करोड़ रपए की बचत का लक्ष्य रखा है।

Source: Rashtriye Sahara