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नई दिल्ली.सेंट्रल गवर्नमेंट के 47 लाख इम्प्लॉइज के लिए एरियर डिस्ट्रिब्यूशन की तस्वीर साफ हो गई है। 7th पे कमीशन का नोटिफिकेशन जारी होने के 4 दिन बाद सरकार ने कहा है कि अब अगस्त की सैलरी के साथ ही 7 महीने यानी जनवरी से जुलाई का एरियर भी मिलेगा। वह भी एकमुश्त। यानी 31 अगस्त तक इम्प्लॉइज के अकाउंट में बढ़ी हुई सैलरी के साथ-साथ 7 महीने का एरियर आ जाएगा। हालांकि, एरियर की रकम से जीपीएफ और नेशनल पेंशन स्कीम की किस्त जरूर कटेगी। सरकार के इस फैसले से सितंबर में मार्केट में करीब 40 हजार करोड़ रुपए आ सकते हैं। डीए भी मिलेगा…
– शुक्रवार को फाइनेंस मिनिस्ट्री की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, 1 जनवरी 2016 से लागू नई सैलरी में पिछली तनख्वाह का 125% डीए भी शामिल रहेगा।
– बता दें कि सरकार ने जून में 7th पे कमीशन की सिफारिशों को मंजूरी दी थी। नोटिफिकेशन हाल ही में जारी हुआ है।
– इससे इम्प्लॉइज की मिनिमम सैलरी 7 से 18 हजार तक बढ़ जाएगी। जबकि कैबिनेट सेक्रेटरी लेवल के टॉप अफसरों को 90,000 की बजाय 2.5 लाख रुपए मंथली सैलरी मिलेगी।
ढाई गुना नहीं, 25% बढ़ेगी सैलरी
– सरकारी इम्प्लॉइज ने यह सोचा था कि सैलरी ढाई गुना हो जाएगी। लेकिन अफसरों ने बताया कि यह ज्यादा से ज्यादा 25% तक बढ़ेगी।
– असल में पे कमीशन की सिफारिशों की कैलकुलेशन पिछले पे कमीशन के मुताबिक होती है।
– 2016 के इस पे कमीशन ने जो सिफारिश की है, उसकी तुलना 2006 के वेतन आयोग से की गई है। ऐसे में, यह अंतर उस समय के पे स्केल और अब के पे स्केल के बीच का है।
शर्त : अभी ज्यादा पैसा मिल गया तो इम्प्लॉइज को लौटाना होगा
– सरकार की कोशिश इम्प्लॉइज को एरियर पेमेंट जल्द से जल्द करने की है।
– इसके लिए एरियर क्लेम्स का पेमेंट तय सैलरी की लंबी-चौड़ी जांच किए बिना ही हो जाएगा।
– हालांकि, इम्प्लॉइज को लिखकर देना होगा कि ज्यादा पेमेंट होने पर उनसे रिकवरी की जा सकेगी।
सुविधा: अभी मौजूदा दरों पर अलाउंस मिलते रहेंगे, नए रेट बाद में आएंगे
– डीए के अलावा सभी अलाउंसेस के रेट और उन पर अमल की तारीख बाद में नोटिफाई होगी।
– तब तक मौजूदा रेट पर अलाउंस मिलते रहेंगे।
– ग्रुप इन्श्योरेंस स्कीम में कॉन्ट्रिब्यूशन का रेट भी मौजूदा ही माना जाएगा।
– एलटीए, एलटीसी के लिए बिना इंटरेस्ट के एडवांस के नियम भी अभी ज्यों के त्यों बने रहेंगे।
भास्कर Q&A
– इस फैसले से सरकार को क्या फायदा?
– बाजार में 40,000 करोड़ रुपए आएंगे। इसमें से इनकम टैक्स, जीपीएफ, पेंशन फंड के पैसे कटेंगे, जो सरकार के हाथों में जाएंगे। बाजार को सपोर्ट मिलेगा।
– एकमुश्त पैसे देने का फैसला सही है?
– दिक्कतें आ सकती हैं। पहले ज्यादातर एरियर पीएफ में जाता था। इतनी बड़ी रकम में हिस्से के लिए मारा-मारी मचेगी।
– क्या सरकार पर इससे असर पड़ेगा?
– खास नहीं। सरकार ने बजट में 70,000 करोड़ रुपए का प्रोविजन किया हुआ है।
– क्या इससे ग्रोथ में इजाफा होगा?
– सोच तो यही है। इकोनॉमी अब भी कम डिमांड से जूझ रही है। आईएमएफ जैसी एजेंसियों ने इस साल के लिए ग्रोथ का अनुमान घटाना शुरू कर दिया है।
– क्या इससे महंगाई और नहीं बढ़ेगी?
– बिल्कुल बढ़ेगी। बोनस के सीजन में ही चीजें और कपड़े महंगे हो जाते हैं। यहां तो हजारों करोड़ रुपए बाजार में आएंगे।
फेस्टिव सीजन+ एकमुश्त एरियर= मार्केट में बूम
– बढ़ा हुआ एकमुश्त पैसा सितंबर में लोगों के खाते में आ जाएगा।
– फेस्टिवल सीजन भी इस बार सितंबर से शुरू हो जाएगा। यानी इस बार मार्केट में दीपावली सितंबर से ही शुरू हो जाएगी।