क्यों एनपीएस लोकप्रिय नहीं हुई ?

राष्ट्रीय पेंशन योजना तीन वर्ष से ग्राहकों के लिए उपलब्ध है परंतु यह लोकप्रिय नहीं हुई क्योंकि वितरकों को कोई प्रोत्साहन नहीं मिलता। वितरकों की ओर से ज्यादा रुचि न दिखाए जाने के कारण आम लोगों को भी इसके प्रावधानों और फायदों के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। जानकारी के अभाव में ही लोग पेंशन की इस योजना के खुद को दूर बनाए हुए हैं। एनपीएस के बारे में विस्तृत जानकारी पेंशन निवेश का विकल्प तलाश कर रहे लोगों के लिए अपनी जरूरत के हिसाब से अच्छा विकल्प चुनने में सहायक हो सकती है।
हर कोई सेवानिवृति के बाद एक स्वस्थ और शांत जीवन का सपना देखता है और आपकी मासिक पेंशन यह सुनिश्चित करती है कि आप अपने जीवन के सुनहरे दिनों का भरपूर आनंद लें। इस प्रकार एक उचित सेवानिवृति धन जमा करने के लिए हमने जमा करना, जीवन बीमाकर्ताओं द्वारा प्रोमोट की गई पेंशन योजनाएं, लम्बी अवधि के म्युचुअल फंड या ईपीएफ एवं पीपीएफ के अंतर्गत अनिवार्य बचतें आरंभ की। जीवन बीमाकर्ताओं द्वारा प्रोमोट की गई पेंशन योजनाएं अच्छी थीं परंतु वे हमेशा पॉलिसी से खर्च को कम करने संबंधी विवादों में घिरी रही। इसलिए वे सबसे अधिक वरीयता प्राप्त उपलब्ध विकल्प रही।1 मई 2009 को भारत सरकार ने नई पेंशन योजना (एनपीएस) आरंभ की थी ताकि उन लोगों की पेंशन धनराशि जमा करने में सहायता की जा सके जो रेगुलर पेंशन बचत योजनाओं के हिस्सेदार नहीं थे और अन्य सभी लोगों के लिए यह योजना आरंभ की गई। एनपीएस आपकी    कमाते समय निवेश करने में सहायता करती है और आप अपने निवेश को सेवानिवृति के बाद निकाल सकते हैं जो कि 60 वर्ष की आयु में निर्धारित की गई है।परंतु क्योंकि इस विकल्प की लागतें भारी थी और वित्त प्रबंधकों को मजबूरन ग्राहकों को आने वाले खर्च को कम रखना पड़ता था, इसलिए इस प्रकार की योजना कभी भी लोकप्रिय नहीं हुई। उदाहरण के लिए एक फंड मैनेजर के रूप में मुझे 10 लाख रुपये का प्रबंधन करने के लिए केवल 9 रुपये मिले हैं। इस प्रकार इन योजनाओं को प्रबंधकों ने कभी भी प्रोमोट नहीं किया। एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन योजना) तीन वर्ष से ग्राहकों के लिए उपलब्ध है परंतु यह लोकप्रिय नहीं हुई क्योंकि वितरकों को कोई प्रोत्साहन नहीं मिलता।headlines_12.02.2014परंतु इसमें बदलाव आने वाला है, नए दिशा निर्देशों के अनुसार पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी इसमें परिवर्तन करके इसे लोकप्रिय बनाने जा रही है, जो मेरे अनुसार नई शुरू की गई युनिट-लिंक्ड पेंशन योजनाओं के बाद देश में एक वास्तविक पेंशन उत्पाद है।

एनपीएस के अंतर्गत दो प्रकार के खाते होते हैं-टीयर 1 (अनिष्कासन योग्य) और टीयर 2 (निष्कासन योग्य)। टीयर 1 खाते के अंतर्गत आपको निम्नतम 500 रुपये प्रतिमाह या 6000 रुपये वार्षिक का भुगतान 60 वर्ष की आयु तक करना पड़ता है। 60 वर्ष की आयु पर पहुंचने से पहले इस खाते से पैसे को नहीं निकाला जा सकता।

टीयर 2 में इस प्रकार की कोई सीमा नहीं है। आप जब भी जितना चाहें उतना पैसा निवेश कर सकते हैं। और जब तक आप एक निश्चित निम्नतम राशि रखते हैं, तब तक आप टीयर 2 खाते से आपकी आवश्यकता के अनुसार पैसा निकालने के लिए स्वतंत्र हैं।

लेकिन यहां पर ध्यान देने योग्य बात यह है कि एक व्यक्ति केवल तभी एक टीयर 2 खाता खोल सकता है जब उसके पास एक चालू टीयर 1 खाता हो। टीयर 1 एक  आधारभूत पेंशन खाता है जिसमें पैसा निकालने की सीमाएं हैं, टीयर 2 एक स्वैच्छिक बचत विकल्प है जिसमें से एक व्यक्ति अपनी मर्जी से पैसा निकाल सकता है।

एनपीएस की अन्य विशेषताओं में शामिल हैं वे प्रतिबंध जो टीयर 1 खाते से पैसा निकालने पर हैं। जब एक उपभोक्ता टीयर 1 खाते से पैसा निकालता है तो धनराशि का एक हिस्सा अवधि के अंत में वार्षिकी खरीदने के लिए प्रयोग होना चाहिए, जो कि एकमुश्त राशि के स्थान पर निरंतर पैसे का भुगतान करता है।

कुछ हद तक पैसा निकालने की अनुमति है लेकिन उनमें कुछ हद तक कठोरता होती है। निष्कासन में लॉक इन और कठोरता यह सुनिश्चित करती हैं कि पेंशन में निवेश लम्बे समय तक रहे और एनपीएस के लिए निवेश किया गया पैसा सही उद्देश्य के लिए उपयोग हो।

यूलिप पेंशन फंड से एनपीएस की तुलना

जब निवेश की बात आती है तो एनपीएस की तुलना यूलिप पेंशन फंडों से की जा सकती है। ये आपको इक्विटी उपकरणों और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने के विकल्प देती हैं। वर्तमान में एनपीएस आपको निवेश के 4 भिन्न-भिन्न क्षेत्र प्रदान करती है।

उच्च इक्विटी विकल्प

यह फंड इक्विटी मार्केट में 50 प्रतिशत तक निवेश कर सकता है और उच्च लाभ दे सकता है। लेकिन इसमें जोखिम भी है। यह निवेश नौजवानों के लिए उचित है जो अपना कैरियर आरंभ कर रहे हैं या उन मध्यम आयु के दंपत्तियों के लिए उपयुक्त है जिनके पास कम जिम्मेदारियां या आश्रित लोग हैं।

औसत जोखिम

यह फंड कॉर्पोरेट बॉंण्ड्स में और इक्विटी में निवेश करता है और इसके साथ मध्यम जोखिम होता है और लाभ भी मध्यम दर्जे के होते हैं। यह मध्यम आयु के दंपत्तियों के लिए उचित है।

कम जोखिम का विकल्प

यह फंड पूर्ण रूप से सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करता है। ये प्रतिभूतियां जोखिम मुक्त हैं और इनमें लाभ ऊपर वर्णित विकल्पों से कम मिलता है।

स्व-आवंटन विकल्प

यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं कि कैसे निवेश किया जाए तो आप स्व-चुनाव विकल्प को चुने। इस विकल्प के माध्यम से : : आपके पैसे का 15 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी में निवेश किया जाएगा : 45 प्रतिशत कॉर्पोरेट बॉंण्ड्स में और : 40 प्रतिशत सरकारी बॉंण्डों में एनपीएस आपको 60 वर्ष की आयु पर पहुंचने पर कुल धनराशि में से 60 प्रतिशत हिस्सा निकालने की अनुमति देता है, और शेष 40 प्रतिशत मासिक भत्ते के लिए बच जाता है।

मेरे  अनुसार एनपीएस एक व्यक्ति की एक सम्मानजनक धनराशि को इकट्ठा करने में सहायता करती है। यह ईपीएफ और पीपीएफ से बेहतर काम करती है, परंतु जब म्युचुअल फंडों और नई आरंभ की गई युनिट-लिंक्ड पेंशन योजनाओं की बात आती है तो हमें इसे अधिक मानदंडों पर जांचने की आवश्यकता है।

यशीश दहिया

सीईओ एवं सह-संस्थापक