Narrow Escape for Janta Express, negligence of railway official comes to fore

शाहजहांपुर। डाउन जनता एक्सप्रेस के संबंध में रोजा पावर केबिन को सूचना दर्ज कराने के मामले में शाहजहांपुर पावर केबिन की बड़ी चूक सामने आई है। अगर ट्रेन का लोको पायलट इसी सूचना के आधार पर चलता तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि रोजा जंक्शन पहुंचने पर जब ट्रेन को रन थ्रू सिग्नल मिला तो लोको पायलट और गार्ड ने पावर केबिन से संपर्क किया। इसके बाद चूक समझ में आई।








देहरादून से बनारस जाने वाले डाउन 14266 जनता एक्सप्रेस शनिवार तड़के करीब 3:40 बजे शाहजहांपुर पहुंची थी। यहां पावर केबिन में स्टेशन मास्टर प्रतीक रस्तोगी तैनात थे। जनता एक्सप्रेस का रोजा जंक्शन पर भी ठहराव है। ट्रेन शाहजहांपुर से रोजा के लिए छूटी। शाहजहांपुर पावर केबिन ने रोजा पावर केबिन को सूचना दी गई कि ट्रेन रन थ्रू है। रोजा में स्टॉपेज नहीं है। ऐसे में पावर केबिन ने जनता एक्सप्रेस को रन थ्रू ग्रीन सिग्नल दे दिया।




लोको पायलट और गार्ड को जब रोजा में रन थ्रू ग्रीन सिग्नल दिखे तो पावर केबिन से संपर्क किया। बताया कि ट्रेन का रोजा जंक्शन पर ठहराव है। गलत सिग्नल दिया जा रहा है। इस पर रोजा पावर केबिन को शाहजहांपुर पावर केबिन की चूक समझ में आई। सिग्नल बदल कर ट्रेन को रोजा में ठहराव दिया गया। सूचना देने में कहां पर चूक हुई अभी साफ नहीं हो सका है। डीओएम प्रभाष राघव ने इस संबंध में जांच शुरू कर दी है। उन्होंने रोजा और शाहजहांपुर पावर केबिन स्टाफ के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि सूचना कैसे गलत हुई इसकी जांच की जा रही है। इधर, एसएम प्रतीक रस्तोगी का कहना है कि वह अभी ड्यूटी पर नहीं है। इस बारे में अभी नहीं बता सकते।




स्टेशन मास्टर ने चुप्पी साधी.

पूरे मामले में मोहनलालगंज स्टेशन मास्टर ने चुप्पी साध ली। इस संबंध में स्टेशन अधिकारियों से कोई जानकारी नहीं मिली। हालांकि, हादसा होने से बच गया। वहीं ट्रेन भी बेपटरी से होने से बची। इसके बाद ट्रेन थोड़ी देर वहीं खड़ी रही। ड्राइवर गार्ड और यात्रियों ने ने राहत की सांस ली। .

मरम्मत की जानकारी कंट्रोल को नहीं दी.

मोहनलालगंज में ट्रैक पर लाल कपड़ा लगाकर रेल कर्मी मरम्मत कर रहे थे। मरम्मत के काम शुरू करने से पहले इसकी सूचना कंट्रोल को नहीं मिली। तभी दोपहर को वाराणसी से देहरादून जाने वाली जनता एक्सप्रेस उधर से गुजरी। ट्रैक पर लाल कपड़ा देख ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई। यात्री सीटों से नीचे गिर गए। ट्रेन कपड़ा फाड़ते हुए 300 मीटर आगे जाकर रुकी।