Another railway employee died due to negligence, safety compromised

ट्रेन की चपेट में आने से गैंगमैन की मौत, गुस्साए गैंगमैनों ने अधिकारियों का किया घेराव

लोकोशेड पुल के नीचे सहारनपुर अप लाइन की पटरी बदली जानी थी। शनिवार सुबह रेल कर्मियों का गैंग जेई विक्टोन सिंह के नेतृत्व में काम कर रहा था। इसी दौरान जम्मू तवी से कटिहार जाने वाली समर स्पेशल ट्रेन आ गई। जिसकी चपेट में आने से काम कर रहे गैंगमैन शंकर (25) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रेन की तेज गति से विक्टोन सिंह भी खुद को संभाल नहीं पाए। वह भी गिरकर जख्मी हो गए। हादसा देख काम कर रहे अन्य कर्मी वहां पहुंचे और जख्मी विक्टोन सिंह को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया।








सूचना पर शंकर के परिवार वाले और पुलिस पहुंची। 1मूल रूप से अमरोहा की मंडी समिति के सामने स्थित चिल्ले वाली मड़ैया निवासी अमर सिंह के परिवार में प}ी ओमवती, दो बेटे राजेश व शंकर और दो बहनें हैं। सभी भाई बहनों की शादी हो चुकी है। तीन महीने पहले ही बड़े बेटे राजेश की मौत हो चुकी है। दूसरे बेटे शंकर की 2013 में रेलवे में गैंग मैन के पद पर नौकरी लगी थी। उसे पिता के स्थान पर नौकरी मिली थी, पिता ने स्वैच्छिक सेवानिवृत ले ली थी।




2015 में उसकी शादी सुमन से हुई थी। परिवार में डेढ़ साल की बेटी है। रोज की तरह शंकर सुबह छह बजे घर से निकला था। रेल कर्मियों ने बताया कि सहारनपुर अप लाइन खराब हो गई थी, जिसे बदलने का आदेश वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया था। जेई विक्टोन सिंह के नेतृत्व में गैंग काम कर रहा था। शंकर फीते से ट्रैक नाप रहा था। इसी दौरान समर स्पेशल ट्रेन शंकर के ऊपर से निकल गई। जब तक साथी वहां पहुंचते, उससे पहले ही शंकर की मौत हो गई। शंकर को बचाने में घायल विकटोंग सिंह ।

बड़े भाई राजेश की मौत के बाद शंकर पर उसके परिवार की जिम्मेदारी भी आ गई थी। बुजुर्ग माता-पिता और भाई के परिवार के साथ छोटी सी नौकरी में शंकर पूरे परिवार का खर्च चला रहा था। तीन महीने के अंदर दोनों बेटों की मोत के कारण अमर सिंह और ओमवती टूट गए। बेटे की मौत से जहां माता-पिता बदहवास थे वहीं शादी के तीन साल बाद ही पति की मौत की सूचना पर सुमन अचेत हो गई। परिवार में कोहराम मच गया। डेढ़ साल की मासूम अभी माता-पिता की गोद को पहचान भी न पाई थी कि पिता का साया उसके सिर से उठ गया। कुछ दिन बाद ही उसकी शादी की सालगिरह आने वाली थी, जिसे मनाने के लिए उसने छुट्टी भी ले रखी थी।लोकोपुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे गैंगमैन शंकर की ट्रेन से कटकर मौत के बाद शव देखकर साथी बेहोश हो गया, जिसने भी यह मंजर देखा वह खुद को संभाल नहीं पाया। कई लोगों की आंखों में आंसू आ गए।




घटना स्थल पर रेलवे अधिकारियों के पहुंचते ही गैंगमैनों ने घेराव शुरू कर दिया और प्रभारी सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर मनमानी का आरोप लगया। अधिकारियों ने गैंगमैनों को शांत कराया। लोकोशेड के पास गैंगमैन ट्रेन से कट गया था। घटना स्थल पर पहुंचे मंडल अभियंता (मुख्यालय) हरपाल सिंह का घेराव शुरू कर दिया। गैंगमैनों का कहना था कि प्रभारी एसएसई के मनमाने रवैया से गैंगमैन तनाव में रह कर काम करते हैं। इसलिए इस तरह की घटना होती हैं। रेलवे ने आठ घंटे ड्यूटी का समय तय किया है, लेकिन गैंगमैन से 14 घंटे तक काम कराया जाता है। जिससे कर्मचारी तनाव में रहते हैं। कोई कर्मचारी एक दिन ड्यूटी पर नहीं आता है तो उसके ड्यूटी लेने से लिए प्रभारी एसएसई के घर पर जाना पड़ता है, तब ड्यूटी मिलती है और दो दिन अनुपस्थित कर दिया जाता है। रेल लाइन पर काम करने वाले गैंगमैनों की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जाती है। मंडल अभियंता (मुख्यालय) ने गैंगमैन को शांत कराया और मामले की शिकायत दूर कराने का आश्वासन दिया।