भारतीय रेलवे में 55 वर्ष की उम्र पूरा कर चुके या 30 वर्ष की सेवा देने वाले समूह ग और घ कर्मचारियों (ट्रैकमैन, खलासी, चपरासी से लगायत क्लर्क और कार्यालय अधीक्षक तक) की नौकरियों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। तैयारियों को देखकर लग रहा है कि रेलवे प्रशासन ऐसे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना लिया है। हालांकि, रेलवे प्रशासन अभी अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा लेकिन रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पर समीक्षा का हवाला देते हुए 55 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले या 30 वर्ष तक की सेवा देने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार करने में जोरशोर से जुटा हुआ है। इसको लेकर रेलकर्मियों में दहशत है।

30 तक तैयार हो जाएगी 55 वर्ष की उम्र या 30 वर्ष की सेवा पूरी करने वालों की सूची

रेलवे बोर्ड ने 30 सितंबर 2020 तक समूह ग और घ कर्मचारियों का सेवा विवरण तैयार करने के लिए आदेशित किया है। ऐसे में पूर्वोत्तर रेलवे ही नहीं पूर्व मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे सहित सभी जोन में कर्मचारियों की सूची तैयार होने लगी है। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल प्रशासन ने इंजीनियङ्क्षरग विभाग को समूह ग और घर के कर्मचारियों की सूची 10 सितंबर तक तैयार करने के लिए निर्देशित कर दिया है। कार्मिक विभाग ने समूह ग और घ के पदों पर कार्यरत कर्मचारियों, जिनकी 30 वर्ष की सेवा अथवा 55 वर्ष की आयु पूरी हो चुकी है। या 31 मार्च 2021 तक जो भी पहले पूरी हो रही है, ऐसे कर्मचारियों का सेवा विवरण 10 सितंबर तक हर हाल में उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। दरअसल, पिछले कई माह से 55 वर्ष की उम्र पूरा कर चुके या 30 वर्ष की सेवा देने वाले कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत्ति देने की चर्चा है। अब लग रहा है कि चर्चा हकीकत में बदल जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे में करीब 40 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।

कर्मचारियों के कार्य और व्यवहार की भी होगी समीक्षा रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों के आचरण और व्यवहार पर भी नजर रखने के लिए निर्देशित किया है। इसे लिए कर्मचारियों की सूची के साथ उनकी पांच वर्ष की वार्षिक मूल्यांकन कार्यान्वयन रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। उम्र, नौकरी के अलावा कर्मचारियों के कार्य व्यवहार की भी समीक्षा की जाएगी।

कर्मचारी संगठनों ने रेलवे प्रशासन पर लगाया झूठ बोलने का आरोप कर्मचारियों की तैयार हो रही सूची को लेकर रेलवे कर्मचारी संगठनों में आक्रोश है। वे रेलवे प्रशासन पर झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्त का कहना है कि सरकार रेलवे को बेचने के साथ कर्मचारियों को भी जबरदस्ती हटाने का षड्यंत्र रच रही है। यूनियन ऐसा नहीं होने देगी। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संगठन के महामंत्री विनोद कुमार राय के अनुसार यह गलत हो रहा है। सरकार कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगा।