रेलवे अब अपने कर्मचारियों की ट्रेन यात्रा को लेकर भी सख्त हो गया है। अभी तक कर्मचारी बिना आरक्षण कराए ही सुविधा पास पर आसपास की यात्राएं कर लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उनको भी सुविधा पास पर आरक्षण कराने के बाद ही ट्रेन में प्रवेश मिलेगा। वैसे रेलवे जल्द ही कर्मचारियों को मैन्युअल की जगह ई-पास जारी करने जा रहा है।

पिछले दिनों मुुंबई की एक ट्रेन के एसी कोच में 25 कर्मचारी मिले जो छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से कल्याण तक अपने सुविधा पास पर सफर कर रहे थे। जांच में यह मामला सामने आने पर बोर्ड ने इसे गलत माना। रेलवे बोर्ड ने माना कि जब कोरोना महामारी के दौरान ट्रेन मे सिर्फ कंफर्म टिकट वाले मुसाफिरों को यात्रा करने की अनुमति दी जा रही है तो यही नियम कर्मचारियों पर भी लागू होना चाहिए। बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को आदेश जारी कर दिया है कि अगर कर्मचारी अपने सुविधा पास पर सफर करता है तो उस पर आरक्षण होना जरूरी है। अकेेले सुविधा पास दिखाने पर ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ अनुशानात्मक कार्रवाई की जाए।

रेलवे अपने कर्मचारियों को एक साल में तीन सुविधा पास व चार पीटीओ जारी करता है। सुविधा पास पर निशुल्क व पीटीओ पर एक तिहाई किराया अदा करना पड़ता है। सुविधा पास ही वैधता पांच माह की होती है। जबकि पीटीओ का उपयोग एक ही बार किया जा सकता है। साथ ही ड्राइवर, गार्ड, टिकट चेकिंग स्टाफ, यातायात निरीक्षक, यातायात लेखा निरीक्षक समेत ट्रेवलिंग जॉब करने वाले कर्मचारियों को सफर करने के लिए कार्ड पास दिया जाता है।