प्रदेश में एक बार फिर प्रदीप ठाकुर ने सरकार के समक्ष पुरानी पेंशन बहाली की मांग रखी। इसमें आज एनपीएस कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप से मिला। उन्होंने कर्मचारियों की समस्या इनके समक्ष रखी।

उन्होंने बताया की पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर पिछले तीन सालों से लगातार एनपीएस कर्मचारी संघ प्रयास कर रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात है कि अभी तक राज्य सरकार पुरानी पेंशन तो दूर की बात अभी तक कमेटी भी नहीं बना पाई है। इससे कर्मचारियों में दिन प्रतिदिन रोष पनप रहा है। 2009 की अधिसूचना जिसमें कर्मचारी के दिव्यांग एवं दिवंगत होने पर उनके परिवार को पारिवारिक पेंशन का प्रावधान है।

हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के लिए लागू नहीं कर पाई है। ऐसे में कर्मचारियों की स्थिति बहुत खराब है। कर्मचारी की मृत्यु पर उसके परिवार को उसकी जमा राशि का 80 प्रतिशत अपने पास रख कर एनएसडीएल उस राशि के ब्याज को पेंशन के रूप में दे रहा है। इससे परिवार का गुजर बसर नहीं हो पाता है।

वहीं हाल ही में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्त होने पर उन्हें 1500 से तीन हजार पेंशन के रूप में प्राप्त हो रहे हैं। इससे परिवार का गुजारा करना बहुत ही मुश्किल है। प्रदीप ठाकुर ने सरकार से मांग की कि जल्द पुरानी पेंशन बहाली के लिए सरकार प्रयास तेज करें और 2009 अधिसूचना तुरंत प्रभाव से हिमाचल प्रदेश में भी लागू करें।

केंद्र के बाद अन्य राज्यों ने भी एनपीएस की खामियों के मद्देनजर अपने राज्यों में अपने कर्मचारियों के लिए 2009 की अधिसूचना जारी कर दी है।