Indian Railways initiates OTP based refund for customers- The New ...

रेलवे में अब कर्मचारियों के आवधिक तबादले को रोकने के बाद ओवरटाइम पर भी रोक लगा दी गई है। रेलकर्मियों को अब विशेष परिस्थितियों में ही बुलाया जाएगा।

कोरोना अवधि में नियमित ट्रेनों के निरस्तीकरण और मालढुलाई में कमी आने से रेलवे की आमदनी 58 फीसदी घट गई है। अप्रैल से ही समस्त कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे में ही 52 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।

रेलवे बोर्ड और जोनल स्तर के अधिकारी अब अतिरिक्त खर्चों को कम करने के लिए लगातार मंथन में जुटे हैं। विभाग के जानकारों के मुताबिक संरक्षा के अलावा अन्य विभागों में नए पद के सृजन पर भी रोक लगा दी गई है। जितने पद और कार्यरत कर्मी हैं, उनसे ही कार्य लिया जाएगा।

भारतीय रेलवे के 69 रेलवे मंडल में कार्यरत 13 लाख रेल कर्मियों ने बोनस की मांग को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के अपर महामंत्री डीके पांडे ने कहा कि इस बार रेल कर्मियों को 22 अरब 81 करोड़ 63 लाख का बोनस मिलेगा। सिर्फ धनबाद रेल मंडल के 20 हजार रेल कर्मियों को ही 36 करोड़ रुपए का बोनस दिलाने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में यूनियनों द्वारा रेलवे बोर्ड से 78 दिनों की बोनस की मांग को लेकर पत्र लिखा गया है।

पत्र में जिक्र किया गया है कि कोरोना काल में आर्थिक संकट झेल रहे रेलवे अपने कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में लगातार कटौती कर रही है। ऐसे में दुर्गा पूजा बोनस पर भी कहीं कैंची ना चल जाए। इसको लेकर यूनियन अभी से बैठक कर सक्रिय हो गई है । ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने इस बार भी रेल कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के बोनस की मांग कर रही है । रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को पत्र भेजकर बोनस की प्रक्रिया शुरू करने का संदेश भी दे दिया गया है। साथ ही साथ रेलवे में खाली दो लाख पदों की भर्ती की भी मांग की गई है।