स्मार्ट बनेंगे रेलकर्मी : तीस श्रेणियों में रखे जायेंगे रेलवे कर्मचारी, प्रमोशन के मिलेंगे समान अवसर

| July 12, 2020
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काले कोट की जगह स्टेशन पर खाकी वर्दीधारी आरपीएफ जवान टिकट जांच करते हुए दिखेंगे। इसके लिए रेलवे अब अपने कर्मचारियों को स्मार्ट बनाने जा रहा है। अधिकारियों की इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस (आइआरएमएस) की तर्ज पर कर्मचारियों के कार्य करने की प्रकृति की एक सेवा बनेगी। इससे सभी कर्मचारियों को प्रमोशन का समान अवसर मिलेगा। साथ ही उनकी कार्यशैली भी स्मार्ट होगी। रेलवे बोर्ड ने सभी जोन से कर्मचारियों की श्रेणी के विलय का प्रस्ताव मांगा था। प्रस्ताव मिल गया है अब बोर्ड ने इसका अध्ययन शुरू कर दिया है।

तीस श्रेणियों में ही रखे जाएंगे रेलकर्मी अब 30 कैटेगरी में ही रेलकर्मी रखे जाएंगे। कर्मचारियों को प्रमोशन के लिए ऑनलाइन प्रश्नों को हल कर खुद का मूल्यांकन करना होगा। कर्मचारियों के कौशल को निखारने के लिए वेबिनार और सेमिनार होंगे। तकनीकी ट्रेड के कर्मचारियों के लिए वेब आधारित टेस्ट अनिवार्य होगा। 

दवाओं की उपलब्धता भी होगी ऑनलाइन कैटेगरी विलय से रेलवे अस्पतालों में मौजूद दवाओं की उपलब्धता और उनकी एक्सपायरी डेट जैसी डिटेल ऑनलाइन तैयार होगी। रेलवे इस बदलाव के साथ ही अपनी संपत्तियों पर अतिक्रमण रोकने के लिए जियो मैपिंग, रेल इंजन व कोच की समय पर मेंटिनेंस के लिए जियो टैगिंग करने के साथ ही पटरियों को भी सिग्नल से लिंक करेगा। पटरी टूटने या चिटकने पर इसका ऑटोमेटिक मैसेज स्टेशन मास्टर व पीडब्ल्यूआइ को मिल सकेगा। 

मेडिकल कैटेगरी भी होगी चार इसके अलावा सात की जगह चार मेडिकल कैटेगरी होगी। ए-1 में लोको पायलट, ए कैटेगरी में सभी सेफ्टी कर्मचारी, कैटेगरी बी में मरम्मत वाले कर्मचारी और सी कैटेगरी में स्टेशनरी के कर्मचारी शामिल होंगे। 

वहीँ दूसरी तरफ कर्मचारियों संगठनो का मानना है कि जब खाली पड़े पद ही सरेंडर कर दिए जायेंगे तो प्रमोशन कहाँ से होंगे, उनका मानना है कि इससे रेलवे में सुरक्षा के साथ समझोता होगा कैडर मर्ज करने के फैसले पर तुरंत विचार करना होगा.

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