बड़ी गिनती में रेलवे कर्मचारी कोरोना संक्रमित, प्राइवेट अस्पताल में इलाज से इन्कार, डीआरएम ऑफिस बंद करने की मांग

| July 8, 2020
कोरोना संक्रमित रेलवे कर्मियों का प्राइवेट अस्पताल में इलाज से इन्कार, जानिए क्या है वजह

कोरोना पीडि़त रेलवे कर्मियों ने प्राइवेट कोविड अस्पताल में भर्ती होने से इन्कार कर दिया। रेलवे कर्मियों ने रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्साधिकारी का घेराव किया। संक्रमित रोगियों को रेलवे के टीबी अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराने की मांग कर रहे थे। किसी तरह से रेल कर्मियों को शांत कराया गया।

बुधवार को लखनऊ लैब की जांच रिपोर्ट में 14 रेल कर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए है। दस दिन के अंदर 31 रेल कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। सभी को दिल्ली रोड के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बुधवार को कुछ रेलवे कर्मचारी और नरमू नेताओं ने रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का घेराव किया। इन लोगों को कहना था कि कोरोना संक्रमित रेलवे कर्मचारियों को जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राइवेट अस्पताल में बने कोविड वार्ड में रखा जाता है। जहां घटिया स्तर का खाना दिया जाता है। सफाई तक की व्यवस्था नहीं है। कोरोना संक्रमित व्यक्तियों से जानवरों की तरह व्यवहार किया जाता है। इसी कारण से काफी रेलवे कर्मचारी कोरोना की जांच नहीं कराना चाहते हैं। जिला प्रशासन ने रेलवे के टीवी अस्पताल को आइसोलेशन वार्ड बनाया है। जिला प्रशासन से मिलकर कोविड एल-1 अस्पताल बनाया जाना चाहिए। यहां बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित रेलवे कर्मियों को भर्ती रखा जाना चाहिए। जिस संक्रमित रेलवे कर्मियों को बीमारी के लक्षण दिखाई दे, उसे प्राइवेट कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जा चाहिए।

नरमू के मंडल मंत्री ने बताया कि रेलवे अस्पताल और रेल प्रशासन के रवैया के कारण रेल कर्मचारियों में गुस्सा है। प्राइवेट कोविड अस्पताल में संक्रमित रेल कर्मियों को भर्ती नहीं करने की मांग किया जा रहा है। रेलवे के टीबी अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में कोरोना संक्रमित रेल कर्मियों को रखा जाना चाहिए। संक्रमण को रोकने के लिए डीआरएम आफिस को बंद करने की मांग किया जा रहा है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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