रेलवे में निजीकरण – निजी क्षेत्र को पसंद के रूट पर ट्रेन चलाने का न्यौता, देश में 150 निजी ट्रेन चलाने की तैयारी

| June 22, 2020
Piyush Goyal: Railways won't be privatised, but investment needed ...

निजी क्षेत्र के लिए रेलवे में कारोबार की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए निजी क्षेत्र को आगे आने की जरुरत है। केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय रेलवे अपने ट्रैफिक रूट और पार्सल ट्रेनों को पट्टे पर देने को तैयार है। इसके लिए निजी क्षेत्र को अपनी पसंद के रूट तय करने होंगे। उन्होंने कहा कि रेलवे अब 150 प्राइवेट ट्रेन चलाने जा रहा है, जिसके लिए प्राइवेट सेक्टर को आगे बढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। केंद्रीय रेलमंत्री गोयल सोमवार को प्रमुख औद्योगिक संगठन सीआईआई के एक समारोह में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा ले रहे थे। 

राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने पर विचार उन्होंने कहा ‘रेलवे नये रूटाेें को पट्टे पर देने को तैयार है। इसमें प्राइवेट सेक्टर अपनी पसंद के रूट की पहचान कर सकता है, जिस पर वह अपनी ट्रेन चलाना चाहता है।’ रेल मंत्री पूरे रौ में थे। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के साथ सरकार नई लाइनों में संयुक्त निवेश को तैयार है। हम ट्रैफिक रुट और पार्सल ट्रेनों का संचालन पट्टे पर देने को इच्छुक हैं। रेलवे में कारोबार की तमाम संभावनाएं है, जिसका लाभ निजी क्षेत्र उठा सकता है। उन्होंने कहा ‘निजी क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने पर विचार कर सकता है। इसमें भूमि खरीदने की चुनौती नहीं होगी।’

लॉकडाउन के दौरान माल ढुलाई के प्रदर्शन पर गोयल ने कहा कि आने वाले दिनों में माल ढुलाई बाउंस बैक करेगी। जून माह में ढुलाई पिछले साल की इस अवधि के मुकाबले 95 फीसद तक पहुंच गई है। जुलाई में ढुलाई पिछले साल के बराबर पहुंच जाएगी, जबकि अगस्त और सितंबर में माल ढुलाई का प्रदर्शन बहुत अच्छा हो जाएगा। 

आने वाले दिनों में माल भाड़े को सस्ता कर सकता है रेल मंत्रालय उन्होंने जोर देकर कहा कि जून माह में मालगाड़यों की औसत रफ्तार जहां पिछले साल 23 किमी प्रति घंटे थी, वह इस जून में बढ़कर 41 किमी तक पहुंच गई है। हालांकि लॉकडाउन के दौरान रेलवे ने लंबित कार्यों को पूरा कर लिया है। इस बंदी की अवधि में रेलवे का टाइम टेबल दोबारा तैयार कर लिया गया है, जिसमें फ्रेट व पार्सल ट्रेनों को समायोजित किया गया है।

उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय आने वाले दिनों में माल भाड़े को सस्ता कर सकता है। इसका उद्देश्य माल ढुलाई के कारोबार को बढ़ाना है। 31 मई से 21 जून के बीच चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की संख्या तेजी से घट रही है। रविवार को केवल तीन श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलीं। लेकिन राज्यों की मांग आने तक संचालन होता रहेगा। अब तक कुल 75 लाख प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया गया है। 

पैसेंजर ट्रेनों को चाहिए गृह मंत्रालय की हरी झंडी रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैफिक) पीएस मिश्रा ने पत्रकारों से औपचारिक बातचीत में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की हरी झंडी मिलने के बाद ही पैसेंजर ट्रेनों का संचालन सामान्य हो सकेगा। फिलहाल केवल 230 ट्रेनें ही सीमित रुटों पर चलाई जा रही हैं। मिश्रा ने बताया कि ये ट्रेनें अपनी यात्री क्षमता के मुकाबले मात्र 76 फीसद यात्री ही ढो रही हैं। माल ढुलाई के लिए रेलवे निजी क्षेत्र से निरंतर विचार-विमर्श कर रहा है।

ट्रेनों के संचालन को सामान्य बनाने के बारे में उन्होंने कहा कि हर सप्ताह इस बारे में गृह मंत्रालय से चर्चा हो रही है। उसकी गाइड लाइन आने के बाद ही यह संभव है। आटोमोबाइल सेक्टर की लोडिंग तेजी पकड़ रही है। 21 जून की शाम तक 76 विशेष मालगाडि़यां चलाई गईं। 

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