रेलवे ने गलती से निकाल दी ज्यादा वैकेंसी, अब नियुक्ति के लिए भटक रहे चयनित उम्मीदवार

| June 5, 2020
Railway Recruitment Board (RRB) Group D Result to be declared ...

रेलवे भर्ती बोर्ड ने 5 फरवरी, 2018 को देश भर में ALP यानी असिस्टेंट लोको पायलेट और टेक्नीशियन के पदों पर वैकेंसी निकाली। विज्ञापन CEN- 01/2018 26,502 पदों के लिए निकाला गया, जिसमें असिस्टेंट लोको पायलट और 8,829 पद टेक्नीशियन के थे। सितंबर, 2018 में रेलवे ने पदों की संख्या को बढ़ाने की घोषणा की। वैकेंसी का रिवाइज्ड नोटिफिकेशन आया और पदों की संख्या बढ़ाकर 64,371 कर दी गई। नए नोटिफिकेशन के मुताबिक ग्रुप सी की इस भर्ती के तहत अब असिस्टेंट लोको पायलट के 27,795 और टेक्नीशियन के 36,576 पदों को भरा जाना था।

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भर्ती 21 आरआरबी द्वारा की जानी थी, सभी आरआरबी ने अपने जोन में खाली पदों के हिसाब से वैकेंसी निकाली थी। भर्ती परीक्षा 3 स्टेज में होनी थी और आखिर में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होना था। ALP की भर्ती के लिए 3 स्टेज में भर्ती परीक्षा (एप्टीट्यूड टेस्ट को मिलाकर) और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ। वहीं, टेक्नीशियन के लिए सिर्फ 2 स्टेज की कम्प्यूटर बेस्ड परीक्षा और उसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ।

असिस्टेंट लोको पायलेट भर्ती की सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अधिकतर जोन में उम्मीदवारों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद पैनल निकाला जाता है। पैनल को आप फाइनल रिजल्ट कह सकते हैं, क्योंकि पैनल एक तरह की लिस्ट होती है जिसमें चयनित उम्मीदवारों का रोल नंबर दिया होता है। हर जोन अपना अलग पैनल जारी करता है।

RRB ALP के उम्मीदवारों ने नवभारत टाइम्स को बताया, ”अधिकतर जोन पैनल जारी करने के बाद भी नियुक्ति नहीं करा पाए हैं। कई जोन में 6 महीने से ज्यादा हो गया और ट्रेनिंग तक शुरू नहीं हुई।” वहीं, आरआरबी गोरखपुर में तो खाली पदों की संख्या से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया और उम्मीदवार अब नियुक्ति के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

उम्मीदवारों ने कहा, ”रेलवे की नियमानुसार पैनल जारी होने के 30 दिनों के भीतर ही सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल जाना चाहिए, जबकि हम RRB गोरखपुर के अभ्यर्थियों को 10 माह हो गया नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। हम 3 स्टेज की परीक्षा क्लियर करके चयनित हुए हैं, लेकिन जब नियुक्ति की बारी आती है तो रेलवे से जवाब मिलता है कि वैकेंसी नहीं हैं। अगर वैकेंसी नहीं थी तो उसे बढ़ाने की क्या जरूरत थी। हम उम्मीदवार प्रदर्शन कर कर के थक चुके हैं।

RRB गोरखपुर: अधिकारियों की गलती के चलते बेरोजगार हुए चयनित उम्मीदवार
RRB गोरखपुर ने नॉर्थ-ईस्ट रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट की भर्ती के लिए 1681 पद निकाले थे। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 अगस्त, 2019 को 1379 सफल उम्मीदवारों का पैनल जारी किया गया। इसके बाद इनमें से दो उम्मीदवारों का नाम हटा दिया गया और फाइनल पैनल 1377 का बना।

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1377 सफल उम्मीदवारों का पहला पैनल (दो उम्मीदवारों का नाम हटा दिया गया) इसके बाद 16 सितंबर, 2019 को 1099 उम्मीदवारों को डिवीजन अलॉट किया गया।

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1099 उम्मीदवारों की डिवीजन अलॉटमेंट लिस्ट बचे हुए 278 उम्मीदवारों ने इसका विरोध किया। इन उम्मीदवारों का आरोप है कि कम नंबर वालों को पहले डिवीजन अलॉट कर दिया गया। इसके बाद इन 278 उम्मीदवारों को 30 सितंबर, 2019 को डिवीजन अलॉट किया गया। इन उम्मीदवारों का डिवीजन तो अलॉट हो गया लेकिन अक्टूबर से अब जून 2020 हो गया और इनकी ट्रेनिंग और नियुक्ति का काम नहीं शुरू हुआ।

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बचे हुए 278 उम्मीदवारों की डिवीजन अलॉटमेंट लिस्ट, इन उम्मीदवारों ने नियुक्ति के लिए आरआरबी गोरखपुर के बाहर कई बार धरना दिया।

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उम्मीदवारों के विरोध के बाद नॉर्थ-ईस्ट रेलवे, गोरखपुर की ओर से 17 फरवरी 2020 को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें यह बताया कहा कि रेलवे के वाराणसी मंडल ने गलती से रिम्स (RIMS) में इंडेण्ट भेजते समय रिक्तियों को 2 बार फीड कर दिया था, जबकि इंडेण्ट 428 का ही भेजा जाना था। इस प्रकार वाराणसी मंडल ने 428 रिक्तियों का आवश्यकता से अधिक मांग पत्र गलती से रिप्म में फीड कर दिया।

नोटिस में कहा गया कि प्राप्त पैनल का Materialisation 70 प्रतिशत होता है। इसको ध्यान में रखते हुए सभी मंडलों ने कुल आंकलित रिक्तियों में 30 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़ दिया जिसके कारण आंकलित रिक्तियों का 30 प्रतिशत अधिक मांग पत्र में फीड किया गया। इस प्रकार से कुल आंकलित रिक्तियों 1177 में 30 प्रतिशत अधिक यानी की 1177+504 (30 फीसदी) कुल 1681 का इंडेण्ट फीड किया गया। कुल मिलाकर यह कि रेलवे ने गलती से 1681 वैकेंसी प्रकाशित कर दी थी जबकि वास्तव में 865 वैकेंसी ही थी।

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नॉर्थ-ईस्ट रेलवे, गोरखपुर द्वारा जारी किया गया नोटिस

बचे हुए उम्मीदवारों की नियुक्ति पर रेलवे भर्ती बोर्ड लेगा फैसला
नॉर्थ-ईस्ट रेलवे, गोरखपुर ने मंडल की गलती का जिक्र करते हुए रेलवे भर्ती बोर्ड को एक पत्र लिखा। यह पत्र 20 फरवरी 2020 को रेलवे भर्ती बोर्ड के प्रमुख कार्यकारी निदेशक (भर्ती) को लिखा गया। इस पत्र में मंडल की गलती का जिक्र किया गया और प्रमुख कार्यकारी निदेशक से अनुरोध किया गया कि 865 से अधिक उम्मीदवारों को अन्य क्षेत्रीय रेलवे में भेजने के लिए अनुमोदन (अप्रूवल) प्रदान किया जाए।

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रेलवे भर्ती बोर्ड को लिखा गया पत्र अब 865 से अधिक जो भी उम्मीदवार हैं उनकी किस्मत का फैसला रेलवे भर्ती बोर्ड के प्रमुख कार्यकारी निदेशक (भर्ती) के हाथ में हैं। बचे हुए इन चयनित युवाओं को कब नियुक्ति मिलेगी, इसको लेकर अभी कोई जानकारी नहीं है। इस मामले पर हम रेलवे भर्ती बोर्ड के प्रमुख कार्यकारी निदेशक (भर्ती) से संपर्क कर एक अपडेट लाने का प्रयास करेंगे।

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