कोरोना पॉजिटिव मिलने पर रेलवे बोर्ड कार्यालय दो दिनों के लिए सील

| June 3, 2020
Rail Bhavan - Wikipedia

डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लि. (DFCCIL) के दो अधिकारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मंगलवार को प्रगति मैदान स्थित कारपोरेट ऑफिस ‘मेट्रो भवन’ और यहां स्थित रेलवे बोर्ड कार्यालय को अगले 2 दिनों के लिए सील कर दिया गया है.

 रेलवे बोर्ड ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा कि DFCCIL के दो अधिकारियों की एक जून को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन कांपलेक्स स्थित कॉरपोरेट ऑफिस की पूरी इमारत को 3 और 4 जून तक के लिए सील कर दिया गया है.

इस दौरान इमारत में स्थित रेलवे बोर्ड के सभी कार्यालय भी बंद रहेंगे, ताकि पूरी इमारत में कीटाणुशोधन कर गहन स्वच्छता हो सके. संक्रमित अधिकारियों के संपर्क में आए अन्य अधिकारियों व स्टाफ को 14 दिन के होम क्वॉरेंटाइन की सलाह दी गई है. बता दें कि DFCCIL रेल मंत्रालय का ही एक उपक्रम है.

रेलवे बोर्ड ने जोनों से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का समय पर परिचालन सुनिश्चित करने को कहा

नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कथित रूप से 40 फीसदी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के औसतन आठ घंटे की देरी से गंतव्य पर पहुंचने के मद्देनजर जोनों को इन ट्रेनों का समय पर परिचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सोमवार को रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार 12 मई से चल रही राजधानी स्पेशल ट्रेनों और सोमवार से शुरू हुई स्पेशल ट्रेन सेवाओं की समय की पाबंदी बनाये रखना जरूरी है। रेलवे ने अबतक 4000 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलायी हैं और 56 लाख से अधिक यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाया है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कथित रूप से 40 फीसदी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के औसतन आठ घंटे की देरी से गंतव्य पर पहुंचने के मद्देनजर जोनों को इन ट्रेनों का समय पर परिचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सोमवार को रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार 12 मई से चल रही राजधानी स्पेशल ट्रेनों और सोमवार से शुरू हुई स्पेशल ट्रेन सेवाओं की समय की पाबंदी बनाये रखना जरूरी है।

रेलवे ने अबतक 4000 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलायी हैं और 56 लाख से अधिक यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाया है। अपने क्षेत्रीय महाप्रबंधकों के लिए जारी आदेश में बोर्ड ने कहा कि इन ट्रेनों के परिचालन में समय की पाबंदी बनाये रखी जाए। आदेश में कहा गया है, ‘‘रेल मंत्री की इच्छा है कि 12 मई और एक जून से चल रही मेल/एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेनों के समय अनुपालन पर मंडल और जोन के स्तर पर नजर रखी जाए तथा श्रमिक स्पेशल के समयबद्ध परिचालन पर विशेष ध्यान रखा जाए (यदि गाड़ी रोककर रखी जाती है तो रोकने के कारण का विश्लेषण किया जाए और उसके समय पर चलने के लिए तत्काल कदम उठाया जाए)।

यह बहुत आवश्यक विषय है, उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।’’ खबरों के अनुसार 3740 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के विश्लेषण से सामने आया कि 40 फीसदी ट्रेनें औसतन आठ घंटे की देरी से गंतव्य पर पहुंचीं।(यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।

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Category: Indian Railways, News

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