रेलवे का एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव, 100 को किया गया क्वारंटाइन

| May 26, 2020
यात्री में कोरोना के लक्षण मिले तो कन्फर्म टिकट होने पर भी ट्रेन में नहीं बैठने दिया जाएगा

यहां रेलवे स्टेशन पर तैनात सात आरपीएफ (Railway Protection Force) जवान Coronavirus COVID19 Positive मिले हैं। इसके कारण लगभग 100 जवानों को क्वारंटाइन किया गया है। इसकी पुष्टि आरपीएफ के डीजी ने की है। इन दिनों स्टेशन से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का आवागमन हो रहा है। यूपी, बिहार सहित अन्य राज्यों को जाने वालेे श्रमिक स्टेशन पर पहुंच रहे हैं। स्टेशन पर गहमागहमी है। सात जवानों के कोरोना पॉजीटिव आने के कारण आरपीएफ व रेलवे की चिंता बढ़ गई है।

बता दें, इन दिनों स्टेशन से ट्रेनों की आवाजाही होने लगी है। मेडिकल स्‍क्रीनिंग में फिट आने वाले श्रमिकों को ही ट्रेन में जाने की इजाजत दी जा रही है। सोमवार को जिले से कुल बारह ट्रेनें बिहार और उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुईं। इसमें हर ट्रेन में 1600 यात्री गए। खास बात यह रही कि पहली बार दोराहा से भी तीन ट्रेनें श्रमिकों को लेकर रवाना हुईं। आज भी लुधियाना रेलवे स्टेशन से आठ ट्रेनें चलेंगी। इनमेें वो श्रमिक जा सकेंगे, जिनको मैसेज नहीं आया है। बस श्रमिकों को ट्रेन चलने से चार घंटे पहले लड़कियों के सरकारी कॉलेज में मेडिकल स्‍क्रीनिंग के लिए पहुंचना होगा। वहां से उन्हें इन ट्रेनों से यूपी भेजा जाएगा। फिलहाल यह व्यवस्था सिर्फ आज यानी 26 मई केेलिए ही है। प्रत्येक ट्रेन में 1600 व्यक्तियों को भेजा जाएगा।

यात्री में कोरोना के लक्षण मिले तो कन्फर्म टिकट होने पर भी ट्रेन में नहीं बैठने दिया जाएगा

रेलवे की तरफ से एक जून से देश भर में 200 ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा रहा है, जिनमें फिरोजपुर मंडल के हिस्से में छह ट्रेनें आती हैं। इसे लेकर यात्रियों के साथ-साथ रेल स्टाफ के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं। इसमें साफ कह दिया गया है कि अगर यात्री में कोविड-19 के लक्षण पाए गए तो कन्फर्म टिकट होने के बावजूद यात्री को ट्रेन में बैठने नहीं दिया जाएगा। ऐसी सूरत में बिना किसी कटौती के यात्री को पूरा किराया वापस किया जाएगा।

इसके अलावा, किसी को भी अनारक्षित टिकट जारी नहीं की जाएगी और वेटिंग वालों को ट्रेन में सफर की मंजूरी नहीं मिलेगी। यानी केवल कन्फर्मड टिकट वालों की ही स्टेशन में प्रवेश मिलेगा और वही सफर करपाएंगे। ऐसे में अग्रिम आरक्षण की अवधि अधिकतम 30 दिनों की ही होगी, जबकि इससे पहले तीन महीने पहले होती थी। स्टेशन पर यात्रियों के आने और बाहर जाने का अलग-अलग गेट होगा। यात्रियों को ट्रेन समय से चार घंटे पहले चार्ट तैयार होगा और 90 मिनट पहले कम सामान लेकर ही स्टेशन पहुंचना होगा। सभी के लिए शारीरिक दूरी को मेंटेन रखने के लिए बनाए नियम मानना अनिवार्य होगा। यात्रियों को किराये में खानपान का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यानी यात्रियों को अपना खाना घर से ही लाना होगा। स्टेशन के भोजनालय पर बैठ कर खाने की व्यवस्था नहीं होगी, जबकि उन्हें खाना ले जाने की मंजूरी होगी।

आईआरसीटीसी केवल सीमित ट्रेनों में भुगतान के आधार पर सीमित खाने-पीने और सीलबंद पीने के पानी की व्यवसथा करेगा। इसके अलावा कंबल, तकिया, चादर नहीं मिलेगी और पर्दे भी नहीं लगे होंगे। मेल, एक्सप्रेस ट्रेनें अभी रद ही रहेंगी।

रेलवे गाइडलाइंस की मुख्य बातें

  • किसी को भी अनारक्षित टिकट जारी नहीं की जाएगी
  • वेटिंग वालों को ट्रेन में सफर की मंजूरी नहीं मिलेगी।  
  • अग्रिम आरक्षण की अवधि अधिकतम 30 दिनों की ही होगी
  • 90 मिनट पहले कम सामान लेकर ही स्टेशन पहुंचना होगा
  • यात्रियों को अपना खाना घर से ही लाना होगा 

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