सातवाँ वेतन आयोग – इस राज्य सरकार ने दिया झटका, 16 लाख कर्मचारियों की 5000 रुपए तक घटेगी सैलरी

| May 14, 2020

कोरोना वायरस और लॉकडाउन के मुश्किल समय में उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने 16 लाख कर्मचारियों के विभिन्न भत्तों पर कैंची चला दी है। इसके बाद कर्मचारियों का वेतन 2000 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक घटेगा। कुल मिलाकर 7 तरह के भत्तों में कमी की गई है। बता दें, तीन हफ्तों पहले ही योगी सरकार ने इन कर्मचारियों के DA अलाउंस पर रोक लगाई थी। सरकार का कहना है कि कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण प्रदेश की आर्थिक सेहत पर असर पड़ा है, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा है। सरकार इस तरह हर साल 1200 से 1500 करोड़ रुपए की बचत करेगी।

जानकारी के मुताबिक, योगी कैबिनेट में यह फैसला लिया गया था, जिसके बाद अब अपर मुख्य सचिव (वित्त) संजीव मित्तल ने आदेश जारी कर दिया।

कौन-कौन से भत्तों में हुई कटौती जिन भत्तों में कमी की गई है उनमें सचिवालय भत्ता, नगर प्रतिकर भत्ता, रिसर्च भत्त, अर्दली डिजाइन भत्ता, आईएंडपी भत्ता और प्रोत्सहान भत्ता शामिल हैं। सचिवालय भत्ते के तहत 625 रुपए से 2000 रुपए तक की राशि मिलती है। यूपी में करीब 10 हजार कर्मचारियों को यह राशि मिलती है। इसी तरह नगर प्रतिकर भत्ता सभी 16 लाख कर्मचारियों को मिलता है। इसके तहत 340 रुपए से 900 रुपए तक दिए जाते हैं। पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों को रिसर्च और अर्दली डिजाइन भत्ता मिलता है, जिसमें कमी की गई है।

झटके पर झटका यह दूसरा मौका है जब यूपी में सरकारी कर्मचारियों पर इस तरह चोट हुई है। इससे पहले 24 अप्रैल को सरकार ने 6 भत्तों को 31 मार्च, 2021 तक खत्‍म करने का निर्णय लिया था। तब कहा गया था कि इससे सरकारी खजाने पर 24000 करोड़ रुपए का कम बोझ पड़ेगा।

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Category: News

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