रेलवे को रोजाना हो रहा इतने करोड़ का नुकसान, भरपाई होगी मुश्किल

| May 9, 2020

कोरोना महामारी के कारण लागू लॉकडाउन का असर रेलवे की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। नियमित यात्री ट्रेनें न चलने और पहले की तरह माल गाडि़यों का परिचालन न होने से रेलवे को रोजाना करीब 3०० करोड़ रुपए का नुFसान उठाना पड़ रहा है। अगर नियमित रूप से यात्री ट्रेनों का परिचालन टलता रहा तो रेलवे का नुकसान निरंतर बढ़ता रहेगा। इससे रेलवे अपने कर्मचारियों का वेतन और पेंशन के अलावा अन्य जरूरी खर्चों का बोझ बढ़ता रहेगा। फिर उसकी भरपाई रेलवे करनी मुश्किल होगी॥।

गौरतलब है कि लॉकडाउन के कारण २५ मार्च से यात्री ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से बंद कर रखा है। इसी के साथ नियमित रूप से माल ढुलाई भी नहीं हो पा रही है। लॉकडाउन की अवधि के दौरान रेलवे ने आवश्यक वस्तुओं‚ खाद्यान्न और पार्सल की मालगाडि़यां चलाकर माल ढुलाई कर आय का कुछ जुगाड़ कर रखा है‚ लेकिन यह आमदनी इतनी नहीं है कि रेलवे का परिचालन औसत को ठीक कर सके। ट्रेनों के परिचालन से रेलवे की कमाई का करीब ६४ प्रतिशत माल ढुलाई से और करीब ३६ प्रतिशत यात्री किराए से आता है। लेकिन लॉकडाउन के कारण यात्री ट्रेन न चलने से इस मद में कमाई शून्य है। ॥

लॉकडाउन के दौरान कुछ मालगाडि़यों के चलने से रेलवे को कुछ करोड़ के आसपास की कमाई हुई है। रेलवे के सामने चुनौती है कि उसके पास नियमित रूप से वेतन‚ पेंशन‚ मेडिकल खर्चों‚ रखरखाव आदि का बड़ा खर्चा है। इसकी पूÌत खर्च रेलवे के खजाने से होती है लेकिन आय कम होने से रेलवे खजाना पर बोझ बढ़ रहा है॥।

सूत्रों के अनुसार गत २५ मार्च यात्री ट्रेनों का परिचालन बंद होने से रेलवे को करीब छह हजार करोड़ रु पए का नुFसान हो चुका है। इसी तरह से मालगाडि़यां पूरी संख्या में न चलने के कारण इस मद में करीब ५ हजार करोड़ रु पए का नुकसान रेलवे को हुआ है।

अभी १७ मई तक लाकडाउन होने के कारण ट्रेनों का नियमित परिचालन बंद है। १७ मई के बाद लॉकडाउन और यात्री ट्रेनों के परिचालन को लेकर क्या स्थितियां बनती है‚ यह कहना मुश्किल है॥। नियमित यात्री ट्रेन न चलने से छह हजार करोड़ और मालगाडि़यों से औसतन पांच हजार करोड़ का नुकसान॥ नियमित यात्री ट्रेन न चलने से छह हजार करोड़ और मालगाडि़यों से औसतन पांच हजार करोड़ का नुकसान॥

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