DA के बाद सरकारी कर्मचारियों को एक और झटका, जानिए क्या है यह

| May 6, 2020

नई दिल्ली। लॉकडाउन की वजह से सरकारी खजाने को हुए नुकसान की भरपाई सरकार अलग-अलग तरीकों से कर रही है। इसी के तहत पहले वित्त मंत्रालय ने 1.13 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों को झटका देते हुए महंगाई भत्ते में हुई बढ़ोतरी पर रोक लगा दी। DA भुगतान में जुलाई 2021 तक के लिए रोक लगाई गई है। डीए के बाद सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को एक और झटका दिया। सरकार ने जनरल प्रॉविडेंट फंड की ब्याज दर में कटौती कर दी। सरकार ने GPF की ब्याज दर में कटौती की है।

GPF की ब्याज दर में कटौती सरकार ने जनरल प्रॉविडेंट फंड (GPF) की ब्याज दर में कटौती की है। सरकार ने फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून तिमाही के लिए ब्याज दर में कटौती कर दी है। सरकार ने GPF की ब्याज दर को घटाकर 7.9 फीसदी से घटाकर 7.1 फीसदी कर दिया है। सरकार के फैसले के बाद अब 1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2020 तक जीपीएफ पर 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा।

क्या होता है GPF जीपीएफ या जनरल प्रोविडंट फंड एक तरह का भविष्य निधी खाता होता है, जिसे सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही खुलवा सकते हैं। ये पीएफ के तरह सरकारी कर्मचारी अपने रिटायरमेंट की प्‍लानिंग करते हैं। GPF में जमा रकम कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद मिलती है। नियम के मुताबिक सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी का 15 फीसदी हिस्सा तक जनरल प्रॉविडेंट फंड में जमाकर इसे रिटायरमेंट के लिए जमा कर सकते हैं। सरकारी कर्मचारी जीपीएश से लोन भी ले सकते हैं। ये लोन ब्याज मुक्त होता है। ये लोन आप जितनी बार चाहे उतनी बार ले सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद आपको जीपीएफ का एक हिस्सा मिल जाता है, जबकि बाकी कुछ राशि उन्हें पेंशन के तौर पर मिलती है।

DA बढ़ोतरी पर लगी रोक आपको बता दें कि कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्था रर पड़े असर के कारण वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर रोक लगा दी। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए निर्देश के मुताबिक 1 जनवरी, 2020 के बाद से केंद्रीय कर्मचारी या पेंशनधारी को मिलने वाली डीए की राशि नहीं दी जाएगी। वहीं 1 जुलाई 2020 से जो एडिशनल डीए मिलना था उसपर भी रोक लगा दी गई है।

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Category: Finance Ministry, Provident Fund

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