लॉकडाउन के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ट्रेनों के परिचालन की तैयारी

लॉकडाउन में रेलवे नए आयामों पर मंथन कर रहा है। सिस्टम को अपग्रेड करने के साथ तकनीक का अधिक इस्तेमाल करने पर फोकस है। अभी ट्रेनों को चलाने के लिए मैनुअल विश्लेषण होता है। लॉकडाउन के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमता) के माध्यम से ट्रेनों का परिचालन करने की तैयारी है। किस रूट पर कितनी गाडिय़ों को चलाने की जरूरत है, रिजर्वेशन से लेकर ऑपरेटिंग का काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से किया जाएगा।

लॉकडाउन के बाद ट्रेनों के बेहतर परिचालन रेलवे का पूरा जोर

लॉकडाउन के बाद रेलवे का पूरा जोर ट्रेनों के बेहतर परिचालन पर रहेगा। इसके लिए रोडमैप तैयार कराया जा रहा है। दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-चेन्नई रूट पर ट्रेनों का दबाव अधिक है। इसे कम करने पर मंथन हो रहा है। ट्रेन में एक भी बर्थ खाली न जाए, इसके लिए पूरा प्लान बन रहा है। ट्रेनों का परिचालन अभी कंट्रोल आफिस एप्लीकेशन से होता है यानि कंट्रोल रूम में बैठा व्यक्ति गाडिय़ों को चलाने के लिए दिशा-निर्देश देता है।

इस काम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से करने की तैयारी है। इसके लिए प्रयागराज मंडल के टुंडला में सेंट्रल ट्रेन कंट्रोल सिस्टम लगाया गया है। लॉकडाउन के बाद टुंडला से कानपुर के बीच ट्रेनों का परिचालन ट्रायल के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगा। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अजीत कुमार सिंह रेलवे नई तकनीक के साथ आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस के अधिक इस्तेमाल पर मंथन कर रहा है। इसके लिए एक कमेटी भी बनाई गई है। आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस से संरक्षा बढऩे के साथ ही ट्रेनों का परिचालन भी सुधरेगा।

ट्रैक मेंटीनेंस का काम भी हाईटेक

रेलवे ट्रैक की मरम्मत से लेकर कामर्शियल गतिविधियों के आकड़े को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से कराने की तैयारी है। विदेशों में ट्रेनों का परिचालन आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस से होता है।

क्या है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के तहत कंप्यूटर में ट्रेनों की संख्या, ट्रैक की क्षमता समेत रूट की संपूर्ण जानकारी फीड रहेगी। फिर कंप्यूटर अपने हिसाब से ट्रेनों का परिचालन करेगा। उसके लिए किसी को अलग से कमांड देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।