Covid 19 – रेलवे कर्मचारियों को जबरन ड्यूटी पर बुलाने के मामले ने टूल पकड़ा

| March 29, 2020

पूर्वोत्तर रेलवे के ट्रैकमैन कर्मचारियों पर आफत बनी हुई है। कर्मचारी घास काटने को मज़बूर है। कोरोना के चलते हालात बत्तर है और कर्मचारियों को अभी तक सैनिटाइज़र और मास्क तक नहीं मिले हैं।

कर्मचारी जबरन ड्यूटी पर बुलाये जा रहे हैं। बुखार से पीड़ित होने पर भी कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है नहीं तो एसएसई उनको अनुपस्थित कर दे रहे हैं। इससे कर्मचारियों में रोष बना हुआ है।








पूर्वोत्तर रेल लखनऊ मंडल में ट्रैकमैन कर्मचारियों पर कोरोना वायरस का खतरा मंडरा रहा है। कर्मचारियों की जान पर आफत बनी हुई है। सैनिटाइज़र के नाम पर एक्सपायरी साबुन बांटे जा रहे हैं। 40-40 लोगों पर चार साबुन मिले हैं जबकि मास्क की कोई सुविधा तक नहीं है।
वहीं, अन्य मंडलों ने 20 से 50 फीसदी ही कर्मचारी बुलाये जा रहे हैं। पश्चिम रेलवे में ट्रैक पर काम कर रहे चार कर्मचारी होम क्वारेंटाईन किये गए हैं। ऐसे में कर्मचारियों को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? कर्मचारियों ने इन समस्याओं को लेकर रेलमंत्री को ट्वीट किया है लेकिन अभी तक उन्हें राहत नहीं मिली है।




न होगी बायोमेट्रिक और न लगेंगे थंब इम्प्रेशन

रेलवे में क्रू एंड गार्ड की अब बायोमेट्रिक और थंब इम्प्रेशन से हाज़री नहीं लगेगी। रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों को राहत देते हुए निर्देश जारी कर दिए हैं। कर्मचारी रजिस्टर पर साइन करेंगे।

रेलवे ने 14 अप्रैल तक यात्री ट्रेनों का संचालन बन्द कर दिया है। इस बीच रसद, गेहूं, चावल और अन्य खाद्य पदार्थ ले जाने वाली मालगाड़ियां ही दौड़ाईं जा रही हैं। पूर्वोत्तर रेलवे में इनको दौड़ाने वाले क्रू एंड गार्ड को बायोमेट्रिक के लिए सामान्य प्रक्रिया की तरह ही एक एक कर मशीन में फूंक कर अल्कोहल की जांच देनी पड़ रही थी। जबकि कोरोना के चलते रेलवे ने इनको पाइप तक नहीं बांटे थे।




रेलमंत्री के निर्देश पर रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार एडवाइजरी जारी कर दी है। अब क्रू एंड गार्ड की हाज़री साइन कराकर ली जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन संघ (नरमू) के मंडल मंत्री अजय कुमार वर्मा ने बताया कि कर्मचारियों की यह बहुत बड़ी जीत है। मंडल अधिकारी इस मामले में फैसला नहीं ले रहे थे।

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