रेल मंत्री पीयूष गोयल ने की रेलवे में निजी निवेश की जोरदार वकालत

| March 14, 2020

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेल बजट खत्म किए जाने को उचित ठहराते हुए रेलवे में निजी निवेश की जोरदार वकालत की है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार को अगले 12 वर्षो में 50 लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। हाल में उजागर दलाली रैकेट और गिरफ्तारियों के मद्देनजर रेलवे में निजी बुकिंग एजेंटों को खत्म किए जाने के संकेत देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि अब ज्यादातर लोग मोबाइल फोन पर टिकट खरीद सकते हैं।








लोकसभा में रेलवे की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि धन जुटाने की पूरी जिम्मेदारी सरकार पर होगी तो उसका असर कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा। लिहाजा, सरकार को राजस्व बढ़ाने के लिए कर और किरायों में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे रेलवे को मजबूती मिलेगी और इसके विस्तार में मदद मिलेगी। गोयल के जवाब के साथ ही सदन ने ध्वनिमत से अनुदान मांगों को पास कर दिया।




इससे पहले चर्चा के दौरान कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामदलों के सदस्यों ने रेलवे के निजीकरण व रेलवे बोर्ड के काडर विलय का विरोध करते हुए रेल बजट बहाल करने की मांग की, जबकि शिवसेना ने छोटी खानपान इकाइयों पर संकट का मुद्दा उठाया। जवाब में गोयल ने कहा कि रेल बजट एक गुब्बारा था, जिसमें चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता था। रेल बजट के खात्मे के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए गोयल ने कहा कि पिछली सरकारों ने रेल बजट का इस्तेमाल राजनीतिक हित व जनता को गुमराह करने में किया था। कहा, ‘पृथक रेल बजट से सिर्फ सदन में तालियां बजती थीं। उन्हीं रेल बजटों का नतीजा है कि कुछ रेल परियोजनाएं 1974 से अब तक पूरी नहीं हुई हैं। पृथक रेल बजट के तहत 2013-14 में मात्र 54,000 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ था, जबकि रेल बजट समाप्त होने के बाद इस वर्ष आवंटन बढ़कर 1.61 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस बढ़े आवंटन का उपयोग 58 अति महत्वपूर्ण और 68 महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किया जा रहा है। तब सालाना 600-650 किमी विद्युतीकरण होता था, जबकि अब 5000-6000 किमी का हो रहा है।’ गोयल ने रेलवे में पेंशन कोष की स्थापना पर ध्यान नहीं देने के लिए पिछली सरकारों की आलोचना की, जबकि किराये बढ़ाए बगैर राजस्व बढ़ाने के लिए अपनी सरकार की पीठ थपथपाई।




गोयल ने आठ सेवाओं को एक सेवा इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस में विलय करने के निर्णय को उचित ठहराया। कहा कि पहले शिकायत दर्ज करने के लिए रेलवे में 60 हेल्पलाइन नंबर होते थे। अब सामान्य शिकायतों के लिए 139 और सुरक्षा संबंधी शिकायतों के लिए 182 नंबर पर्याप्त है। पूवरेत्तर व जम्मू एवं कश्मीर की परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पूवरेत्तर की परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। जबकि, जम्मू-कश्मीर में बनिहाल-बारामूला लाइन दो-ढाई वर्ष में चालू हो जाएगी। वंदे भारत ट्रेन के 44 नए रैक के टेंडर दिए जा चुके हैं। अभी पीएम मोदी ने उन्हें रेलवे की खाली जमीन पर सोलर पैनल लगाकर 20 हजार मेगावाट बिजली पैदा करने का लक्ष्य दिया है। कहा कि तीन वर्षो में 1.37 लाख लोगों की नियुक्तियां की गई हैं।

’>>कहा, अगर ऐसा नहीं हुआ तो बढ़ाने पड़ेंगे कर और किराये

’>>दलाली रैकेट के मद्देनजर निजी टिकट एजेंट खत्म करने के संकेत

Category: Indian Railways, News

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