सातवाँ वेतन आयोग – केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले मकान किराये भत्ते के बदलते नियम, समझिये पूरा गणित

| March 10, 2020

सातवाँ वेतन आयोग – केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले मकान किराये भत्ते के बदलते नियम, समझिये पूरा गणित

केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को उनके ग्रेड और पे-स्केल के अनुसार मकान भाड़ा भत्ता (House Rent Allowance) मिलता है. हालांकि हाउस रेंट अलाउएंस (एचआरए) भी कर्मचारियों की सैलरी का ही हिस्सा होता है. शहर की कैटेगरी के हिसाब से कर्मचारियों को 24 प्रतिशत,16 प्रतिशत और 8 प्रतिशत की दर से एचआरए (HRA) दिया जाता है. जबकि शहर की कैटेगरी वहां की आबादी पर निर्भर करती है.








सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद ‘एक्‍स’, ‘वाई’ और ‘जेड’ कैटेगरी के शहरों के लिए एचआरए को संसोधित कर क्रमश: 24 प्रतिशत,16 प्रतिशत और 08 प्रतिशत कर दिया गया. आम तौर पर X श्रेणी शहरों में कार्यरत केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अधिकतम उनके मूल वेतन का 24 प्रतिशत हाउस रेंट अलाउंस दिया जाता है. जबकि Z श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 8 प्रतिशत तक बतौर एचआरए मिलता है, और Y श्रेणी के शहरों में तैनात सरकार के कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 16 प्रतिशत एचआरए के रूप में मिलता है.




आपको बता दें कि 5 लाख तक की आबादी वाला शहर Z श्रेणी में आता है, जबकि 5 लाख से ऊपर और 50 लाख से कम आबादी वाला शहर Y श्रेणी में आता है. जबकि 50 लाख से अधिक आबादी वाला शहर X श्रेणी में शामिल होता है. हालांकि सरकार के पास अधिकार है कि वह शहर की कैटेगरी जनसंख्या बढ़ने पर अपग्रेड कर सकती है.




साथ ही एक्स, वाई एवं जेड शहरों के लिए एचआरए 5400, 3600 एवं 1800 रुपये से कम नहीं होगा. यह नियम सशस्त्र बलों (Army, Navy, Air Force) और अर्द्धसैनिक बलों (Paramilitary Force) के लिए भी लागू है.

Category: Seventh Pay Commission

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