रेलवे अधिकारीयों की लापरवाही – बिना साधन कोरोना से जूझ रहे रेलकर्मी

| March 7, 2020

कोरोना को लेकर इन दिनों दहशत का माहौल है। इससे बचाव के लिए सरकारी स्तर पर कई कदम उठाए जा रहे हैं। रेल प्रशासन भी कई कदम उठाने का दावा कर रहा है। नई दिल्ली स्थित उत्तर रेलवे केंद्रीय अस्पताल में कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए अलग से वार्ड भी बनाया गया है। इसके साथ ही जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही जा रही है। वहीं, रेलवे स्टेशन व ट्रेन में तैनात कर्मचारी बगैर किसी साधन के कोरोना से जंग कर रहे हैं। रेल अधिकारियों के सामने मामला उठाने के बावजूद भी उन्हें मास्क, दस्ताने और सेनेटाइजर मुहैया नहीं कराया जा सका है।








होली नजदीक है और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है। इसे ध्यान में रखकर परिचालन और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है। कर्मचारी रेलवे स्टेशन और ट्रेन में तैनात हैं, लेकिन कोरोना के संक्रमण से उन्हें बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) बैठक में भी कर्मचारी यूनियन की ओर से यह मामला उठाया गया, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला है। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्र ने इस संबंध में महानिदेशक रेलवे स्वास्थ्य सेवा (डीजी आरएचएस) को पत्र लिखकर रेल कर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है।




उनका कहना है कि रेल यातायात का सबसे प्रमुख साधन है। रोजाना देशभर में करीब ढाई करोड़ यात्री ट्रेन से सफर करते हैं। रेल कर्मचारी यात्रियों के सीधे संपर्क में आते हैं। कई यात्री कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं। इस स्थिति में कर्मचारियों को संक्रमण से बचाने के लिए उचित व्यवस्था किए जाने की जरूरत है। उन्होंने ट्रेनों व प्लेटफॉर्म पर तैनात टिकट जांच कर्मचारी, रेलवे स्टेशनों पर तैनात अन्य कर्मचारी, लोको पायलट, गार्ड, बुकिंग और पार्सल कर्मचारी सहित यात्रियों के सीधे संपर्क में आने वाले अन्य कर्मचारियों को एन-95 मास्क, दस्ताने व सेनेटाइजर उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।




नॉर्दन रेलवे मेंस यूनियन के मंडल सचिव अनूप शर्मा का कहना है कि नई दिल्ली सहित अन्य स्टेशनों पर तैनात कर्मचारी खुद को कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से असुरक्षित समझ रहे हैं। एयरपोर्ट और विमान में तैनात कर्मचारियों की तरह रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में तैनात कर्मचारियों को भी संक्रमण से बचाने के लिए मास्क व सेनेटाइजर जैसी बुनियादी सुविधाएं अविलंब मुहैया कराई जानी चाहिए।

भारतीय मजदूर संघ के प्रांत मंत्री इंद्रजीत सिंह ने कहा कि रेलवे स्टेशनों व कार्यालयों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। रेल परिसर में स्थित कई शौचालय में हैंड वॉश लिक्विड भी नहीं होता है। कर्मचारियों विशेषकर यात्रियों से सीधे संपर्क में आने वालों के स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी होनी चाहिए। वहीं, इस बारे में रेल अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। इस मसले पर बात करने के लिए जब दिल्ली के मंडल रेल प्रबंधक एससी जैन और उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने रेल प्रशासन का पक्ष नहीं रखा।

’>>कर्मचारियों को न तो मास्क दिया गया है और न ही दस्ताने

’>>यात्रियों के सीधे संपर्क में आने की वजह से संक्रमण का खतरा

Category: Indian Railways, News

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