इन सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, 4 साल पुरानी मांग मानी गयी, बढेगा वेतन

| March 1, 2020
  • फरवरी, 2016 में छठे वेतन आयोग का गठन किया गया, फिर दो सदस्यों की नियुक्ति में ही नौ माह का समय बीत गया
  • 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व मुख्य सचिव आरएस मान ने आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया

पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने शुक्रवार को राज्य का 1.54 लाख करोड़ का बजट पेश किया। बजट में राज्य कर्मचारियों को राहत देते हुए उन्होंने इसी साल छठे वेतन आयोग का लाभ देने की घोषणा की है। केंद्र सरकार जहां बहुत पहले इसे लागू कर चुकी है, वहीं पंजाब में पिछले 4 साल से इसे लागू करने की जमीन तक तैयार नहीं हो पाई है। सबसे बड़ी विसंगति है वेतन आयोग के पास डाटा कंपाइल करने के लिए स्टाफ की कमी। इसके चलते छठा वेतन आयोग लंबे समय से पाइपलाइन में है।








राज्य सरकार पर कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते के 4 हजार करोड़ रुपए बकाया है और लगभग 27 हजार कर्मचारी नियमित किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि घोषणा के बाद इन सभी के साथ कर्मचारियों को कुछ आस जरूर बंधी है। पंजाब में अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के समय फरवरी, 2016 में छठे वेतन आयोग का गठन किया गया था। तब सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव आरएस मान के नेतृत्व में आयोग का तीन सदस्यीय पैनल बनाया, लेकिन इसके दो सदस्यों की नियुक्ति में ही नौ माह का समय बीत गया और दोनों सदस्यों की नियुक्ति नवंबर, 2016 में हो सकी। इससे पहले कि आयोग अपना कामकाज शुरू कर पाता, राज्य में सरकार बदल गई।




कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में नई सरकार के सत्ता संभालने के कुछ समय बाद आरएस मान ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कैप्टन सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव जय सिंह गिल को आयोग की कमान सौंपी। वेतनमान संशोधन रिपोर्ट के लिए आयोग का कार्यकाल लगातार बढ़ाया जाता रहा, जबकि आयोग के समक्ष अब तक वेतनमान, भत्ते, वेतन-विसंगतियों और अन्य मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के कर्मचारियों के विभिन्न संघ और अन्य समूहों की ओर से 600 से अधिक रिप्रेजेंटेशन दी जा चुकी हैं।

आयोग के पास न स्टाफ है न ऑफिस
आयोग के गठन और इसके कामकाज को लेकर कर्मचारी संगठन शुरू से ही आवाज उठाते रहे हैं। अध्यक्ष के बदलने के बाद भी राज्य सरकार ने आयोग को कोई कार्यालय स्टाफ नहीं दिया। बस, चेयरमैन और सदस्य के रूप में ही यह आयोग चलता रहा। जनवरी, 2019 में आयोग ने सभी विभागों से कर्मचारियों संबंधी डाटा तलब किया था, लेकिन यह डाटा कम्पाइल करने के लिए आयोग के पास स्टाफ ही नहीं है। प्रदेश के 3.5 लाख कर्मचारियों का डाटा कब कम्पाइल होगा, इसके बारे में कोई भी दावे से कुछ कहने को तैयार नहीं है।





31 दिसंबर, 2019 को समाप्त हुई अवधि, 6 महीने के लिए बढ़ी
इसके बाद छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की आखिरी अवधि 31 दिसंबर, 2019 को समाप्त हुई थी। बाद में नोटिफिकेशन जारी कर कहा गया है कि 17 जनवरी, 2019 को जारी किए गए नोटिफिकेशन को निरंतरता में राज्यपाल के आदेश से छठे पंजाब वेतन आयोग की अवधि को 30 जून 2020 तक बढ़ा दी गई है।

घोंघे की चाल चल रहा वेतन आयोग : खैरा
पंजाब सिविल सचिवालय कर्मचारी एसोसिएशन और कर्मचारियों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रमुख सुखचैन सिंह खैरा का कहना है कि वेतन आयोग घोंघे की चाल से चल रहा है। संशोधित वेतनमान तो दूर कर्मचारियों को पहले से लंबित डीए की किश्तें देने में भी सरकार बहाने बना रही है।

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.