रेलवे भर्ती : रेल कारखानों में नहीं होगी छंटनी लेकिन नई भर्तियां होंगी कम

| February 26, 2020

केंद्र सरकार ने सुधार के तहत रेलवे की फैक्टरियों और कारखानों में कार्यरत कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। सरकार बीच का रास्ता निकालते हुए नई भर्तियां कम करेगी। जबकि कोच, वैगन, इंजन के उत्पादन और मरम्मत का कार्य ऑउटसोर्स कर निजी कंपनियों से कराएगी। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे मंत्रालय ने देशभर में आठ से अधिक फैक्टरियों, उत्पादन इकाइयों, कारखानों और मरम्मत वर्कशाप में नई भर्तियों की संख्या में कमी लाने का फैसला किया है। रेलवे ने सभी फैक्टरियों-उत्पादन इकायों में कर्मियों की मौजूदा संख्या को घटाकर 60 फीसदी कम करने का लक्ष्य रखा है। रिक्त पदों पर नई भर्ती के बजाए निजी कंपनियों द्वारा ठेके पर कर्मचारी रखे जाएंगे।








बताते हैं कि ट्रेन के कोच, इंजन, वैगन के मरम्मत और उत्पादन का काम निजी कंपनियों को सौंपना शुरू कर दिया है। इससे कर्मचारियों के पास काम नहीं बचा है। इसके बावजूद कर्मचारियों पर छंटनी का खतरा नहीं होगा और रेलवे में सुधार कार्यक्रम को आसानी से लागू किया जा सकेगा।




विदित हो कि पिछले साल रेलवे निजीकरण-निगमीकरण के तहत मौजूदा कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने पर विचार कर रही थी, लेकिन रेलकर्मियों मे भारी रोष, प्रदर्शन और यूनियन के सख्त रवैये के चलते रेलवे ने कार्यरत कर्मचारियों को छेड़ने का फैसला नहीं किया है।

रेलवे की प्रमुख उत्पादन इकाइयां 
– चितरंजन लोकोमोटिव वर्कशॉप-कोलकाता
– इंट्रीगल कोच फैक्टरी-चैन्नई
– डीजल लोकोमोटिव वर्कशॉप-वाराणसी
– डीजल रेल इंजन आधुनिकीकरण कारखाना-पटियाला
– रेल पहिया कारखाना-बेंगलुरु
– रेल कोच फैक्टरी-कपूरथला
– मॉडर्न कोच फैक्टरी-रायबरेली




रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने नौकरी नहीं लेने का आश्वासन दिया 
एआईआरसीएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने हिन्दुस्तान को बताया कि रेलवे की फैक्टरियों, कारखानों आदि से एक भी कर्मचारी को नहीं निकाला जाएगा। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने इस बात का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि कारखानों-फैक्टरियों में नई भर्तिंयां कम होगी। कोच, वैगन, इंजन के उत्पादन व मरम्मत का कार्य पहले भी आउटसोर्सिंग से किया जाता रहा है। सुधार के तहत इसके प्रतिशत में कुछ बढ़ोतरी होने की संभवाना है।

Category: Indian Railways, News

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