सातवाँ वेतन आयोग – केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! अगले वित्त वर्ष में वैकेंसियों में हो सकती है बम्पर वृद्धि

| February 21, 2020

सातवाँ वेतन आयोग – केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! अगले वित्त वर्ष में वैकेंसियों में हो सकती है 24,500 की वृद्धि
बजट दस्तावेज के अनुसार, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन व भत्ते आदि के भुगतान में चालू वित्त वर्ष में 2,45,222.48 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
अगले वित्त वर्ष में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की कुल संख्या में करीब 24,500 लोगों की वृद्धि होने का अनुमान है। साथ ही कुल केंद्रीय कर्मियों के वेतन और भत्तों आदि का खर्च लगभग 10 हजार करोड़ रुपए बढ़ने के आसार हैं। हालांकि, इसमें सैन्य बलों की संख्या और उन पर खर्च का आंकड़ा नहीं है।








शनिवार (1 फरवरी) को लोकसभा में रखे गये बजट दस्तावेज के मुताबिक, 1 मार्च 2020 को केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की कुल संख्या 35,00,941 रहने का अनुमान है। यह 1 मार्च, 2021 तक बढ़कर 35,25,388 रुपए हो जाएगी। अगले वित्त वर्ष में इसी तरह केंद्र में 24,447 कर्मचारियों की वृद्धि होगी।
वैसे, सर्वाधिक सरकारी नौकरियां देने वाले रेल विभाग में कर्मचारियों की संख्या में इस दौरान कोई बदलाव नहीं होने का अनुमान है। रेल विभाग में कर्मचारियों की संख्या 2019 में 12,70,399 थी। इनकी संख्या 1 मार्च, 2020 को और एक मार्च 2021 को भी इतनी ही रहने का अनुमान है।
केंद्रीय में दूसरा सबसे बड़ा अमला पुलिस बलों का है। 1 मार्च, 2020 को पुलिसकर्मियों की संख्या 11,13,770 रहने का अनुमान है। दस्तावेज में कहा गया कि एक मार्च 2021 तक कुल पुलिसकर्मियों में 17,934 की वृद्धि हो सकती है। ऐसे में इनकी कुल संख्या 11,31,704 पर पहुंच सकती है।




उधर, डाक विभाग सर्वाधिक सरकारी नौकरियां देता है। इस विभाग में कर्मचारियों की कुल संख्या 1 मार्च, 2020 के 4,18,239 से बढ़कर 1 मार्च, 2021 को 4,18,400 हो जाने का अनुमान है।
बजट दस्तावेज के अनुसार, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन व भत्ते आदि के भुगतान में चालू वित्त वर्ष में 2,45,222.48 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सरकार को अनुमान है कि यह खर्च अगले वित्त वर्ष में 9,679.28 करोड़ रुपये बढ़कर 2,54,901.76 करोड़ रुपए पहुंच सकता है।




दस्तावेज बताता है कि कुल केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन का खर्च इस दौरान 1,56,239.43 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,62,990.57 करोड़ रुपए, भत्तों का खर्च 81,735.71 करोड़ रुपए से बढ़कर 84,594.94 करोड़ रुपए और यात्रा का खर्च 7,247.34 करोड़ रुपए से बढ़कर 7,316.25 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।

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