रेलवे कर्मचारियों पर शिकंजा – रेलवे बोर्ड ड्यूटी से गायब रहने वालों पर नकेल कसेगा

| February 8, 2020

देशभर में फैले रेलवे डिविजन-जोनल कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों, उत्पादन इकाइयों आदि में कार्यरत 12.5 लाख रेलकर्मियों के लिए एकीकृत बॉयोमेट्रिक हाजरी लगाने की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसका मकसद रेलवे बोर्ड स्तर से ऑनलाइन व्यवस्था के जरिये ऑफिस में देरी से आने वाले और ड्यूटी से गायब रहकर वेतन उठाने वाले कर्मचारियों पर नकेल कसना है।








बॉयोमेट्रिक सीसीटीवी कैमरों की जद में होंगी। रेलवे बोर्ड ने 4 फरवरी को सभी 17 जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को निर्देश दिए हैं। इसमें उल्लेख है कि आधार युक्त बॉयोमेट्रिक हाजरी व्यवस्था को भारतीय रेलवे में प्रभावी बनाया जाए। इसके तहत डिविजन, जोनल कार्यालयों, पीएसयू, एक दर्जन से अधिक सार्वजनिक उपक्रम व उत्पादन इकाइयों में बॉयोमेट्रिक व्यवस्था होगी। इस व्यवस्था को ऑनलाइन रेलवे बोर्ड से जोड़ा गया है। जिससे काम पर आने वाले कर्मचारियों पर रेलवे बोर्ड स्तर से निगरानी संभव होगी।







सुधरेगी आदत: बोर्ड के इस नए नियम से कार्यायल से गैर हाजिर रहकर वेतन लेने और देरी से आफिस पहुंचने वालों की आदतों में सुधार होगा। विदित हो कि रेलवे यूनियन-एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारी और दबंग कर्मी बगैर काम किए वेतन उठाते हैं। उनकी जगह दूसरे कर्मियों को काम करना पड़ता है। ड्यूटी करने के बजाय आराम करने वाले कर्मियों पर भी लगाम लगेगी।

Category: News

About the Author ()

Comments are closed.