वेतनभोगी कर्मचारी कभी भी कर सकता है टैक्स कैटेगरी में बदलाव, टैक्स छूट और गैर-टैक्स छूट में से चुनाव करने के मिले हैं दो विकल्प

| February 6, 2020

वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने बजट में इस बार टैक्स छूट के साथ गैर-टैक्स छूट वाली आयकर श्रेणी का भी विकल्प दिया है। नए नियम के मुताबिक वेतनभोगी करदाताओं के पास इन दोनों में से किसी एक का चुनाव करने का विकल्प होगा। ऐसे करदाता जब चाहेंगे अपनी कर श्रेणी बदल सकेंगे। वहीं अन्य करदाताओं के लिए इसमें कई तरह की पाबंदियां होंगी।








टैक्समैन के डिप्टी जनरल मैनेजर नवीन बाधवा का कहना है कि ऐसे व्यक्तिगत करदाता जिनकी कारोबार से आय है उनके पास केवल एक बार विकल्प होगा जिसके तहत वह कर श्रेणी में बदलाव कर सकेंगे। उनका कहना है कि इस तरह के करदाता यदि आकलन वर्ष 2122 के लिए नई बगैर छूट वाली कर श्रेणी का चुनाव करता है और अगले वर्ष पुरानी कर श्रेणी में बदलाव कर लेता है तो उसके बाद उसके बाद कर श्रेणी बदलने का विकल्प नहीं होगा।




हालांकि, बाधवा का यह भी कहना है कि किसी वेतनभोगी करदाता की कारोबार से भी आय है लेकिन अगले साल कारोबार से आय नहीं होती है खत्म हो जाती है तो वह वेतनभोगी करदाता के तहत कर श्रेणी में कभी भी बदलाव कर सकता है।

कर योग्य आय का स्लैब (रुपये में) आय कर की वर्तमान दरें नई कर दरें
0-2.5 लाख छूट छूट
2.5-5 लाख 5 प्रतिशत 5 प्रतिशत
5-7.5 लाख 20 प्रतिशत 10 प्रतिशत
7.5-10 लाख 20 प्रतिशत 15 प्रतिशत
10-12.5 लाख 30 प्रतिशत 20 प्रतिशत
12.5-15 लाख 30 प्रतिशत 25 प्रतिशत
15 लाख से ऊपर 30 प्रतिशत 30 प्रतिशत

इस नए नियम के आने के बाद कर सलाहकार सरकार की ओर से इसपर स्ष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं। क्लियरटैक्स से जुड़ी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) प्रीति खुराना का कहना है कि कारोबार से आय के बारे में बजट में चर्चा है लेकिन प्रोफेशनल (पेशेवर) के बारे मे चर्चा नहीं है कि उसके तहत आने वाले लोग किस श्रेणी में शामिल किए जाएंगे।




उल्लेखनीय है कि डॉक्टर,सीए और वकील जैसी कई सेवाएं प्रोफेशनल के तहत आती हैं और इनके लिए आयकर में अलग नियम हैं जिसके तहत यह रिटर्न भरते हैं।

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