‘हर साल होगी इनकम टैक्स का नया या पुराना सिस्टम चुनने की छूट’

| February 5, 2020

करदाता कम रेट और बिना एग्जेम्पशंस वाली नई व्यवस्था और पुराने सिस्टम में से किसी एक का चयन हर साल कर सकेंगे

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) के चेयरमैन पी सी मोदी ने कहा कि करदाताओं के पास यह मौका हर साल रहेगा कि वे कम रेट और बिना एग्जेम्पशंस वाली इनकम टैक्स की नई व्यवस्था और पुराने सिस्टम में से किसी एक का चयन कर सकें। उन्होंने कहा कि एक बार किसी स्कीम का चयन कर लेने के बाद अगले साल वापस लौटने का विकल्प भी होगा। हालांकि बिजनेस चलाने वालों को एक से दूसरी स्कीम में शिफ्ट होकर वापस आने का विकल्प नहीं मिलेगा।








मोदी ने मंगलवार को कहा, ‘यह साफ समझ लें कि यह ऑप्शनल स्कीम है। आपके सामने नई स्कीम में जाने की कोई मजबूरी नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘अगर आपको नई स्कीम बेहतर लगे तो आप उसमें जा सकते हैं। अगर आप पुराने सिस्टम में अच्छा महसूस कर रहे हों तो वहीं बने रहें।’ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली फरवरी को पेश किए गए आम बजट में इनकम टैक्स के नए स्लैब्स का प्रस्ताव दिया था। मोदी ने कहा, ‘एक बहुत दिलचस्प बात यह है कि एक से दूसरी स्कीम में आने-जाने का विकल्प आपको सालाना आधार पर उपलब्ध है।’




उन्होंने कहा, ‘अगर किसी को लगे कि किसी खास वर्ष में कोई डिडक्शन लेने के लिए पुराना सेट-अप बेहतर है तो वह उसे चुने। अगर उसे लगे कि नए सिस्टम में रेट बेहतर है तो वह इसे चुन सकता है। प्रतिबंध केवल उन लोगों के मामले में है, जिनके पास बिजनेस है।’ सीतारमण की बात दोहराते हुए मोदी ने कहा कि टैक्स स्ट्रक्चर को और आसान बनाने के लिए डिडक्शन और एग्जेम्पशन को धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा।




सरकार रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए प्री-फिल्ड इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म मुहैया कराने की योजना भी बना रही है। टैक्स के दायरे में अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर का ज्यादा हिस्सा आने से टैक्स रेट्स को घटाने का चांस बनेगा। मोदी ने कहा, ‘अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर का इतना ही हिस्सा (संभावित करदाता) टैक्स फ्रेमवर्क के दायरे में होना चाहिए। मुझे लग रहा है कि टैक्स रेट और घटाने की जमीन इससे बनेगी। बेस जितना बड़ा होगा, इनकम टैक्स रेट्स में कमी करने की उतनी ही गुंजाइश होगी।’

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