वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन-18) को भी निजी हाथों में सौंपेगी रेलवे

| February 4, 2020

रेलवे बोर्ड देश की पहली स्वदेशी तकनीक से निर्मित होने वाली सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन-18) को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहा है। 2020 के वित्तीय वर्ष में प्रीमियम ट्रेन के रेलमार्गों पर चार वंदे भारत चलाने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तेजस की तर्ज पर इस साल चार ट्रेन चलाने की घोषणा की है, लेकिन रेलवे तेजस एक्सप्रेस का उत्पादन 2019 में ही बंद करने का फैसला कर चुका है। रेलवे के कोच उत्पादन दस्तावेजों के मुताबिक 2018-19 से लेकर 2021-22 तक तेजस का एक कोच भी नहीं बनाया जाएगा।








रेलवे बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि तेजस एक्सप्रेस के स्थान पर वंदे भारत एक्सप्रेस को चलाने की योजना बन रही है। इसके तहत 2020-21 में चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाएंगी। चरणबद्ध तरीके से इन ट्रेन को आईआरसीटीसी को चलाने के लिए दिया जाएगा।




इसके बाद आईआरसीटसी टेंडर के माध्यम से सबसे अधिक बोली लगाने वाले निजी ट्रेन ऑपरेटर को वंदे भारत ट्रेन चलाने के लिए अधिकृत करेगी। निजी ट्रेन ऑपरेटरों को 150 निजी ट्रेन सौंपने के लिए रेलवे बोर्ड *दिशा-निर्देश दस्तावेज तैयार कर रहा है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू *की जाएगी।




बड़ी कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ी : बोर्ड अध्यक्ष

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने कुछ दिन पहले एक सवाल के जवाब में बताया कि तेजस का उत्पादन नहीं हो रहा है। इसके स्थान पर आईआरसीटीसी को वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन दी जाएगी। 150 निजी ट्रेन के परिचालन को लेकर बैठकों का दौर जारी है। टाटा सहित बड़ी संख्या में निजी कंपनियां ट्रेन चलाने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.