यात्री सुविधाएं और आमदनी बढ़ाने को निजीकरण की पटरी पर रेल

| February 3, 2020

यात्री सुविधाएं और आमदनी बढ़ाने को पीपीपी पटरी पर रेल, 17000करोड़ से अधिक की आमदनी बढ़ी चालू वित्तीय वर्ष में पीपीपी मॉडल से

घाटे से रेलवे को उबारने के लिए भारतीय रेल अब पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल की पटरी पर ही दौड़ेगी। नई दिल्ली से लखनऊ और मुंबई से अहमदाबाद के बीच प्राइवेट ऑपरेटर के जिम्मे रेलगाड़ी के चलने से रेलवे की आमदनी बढ़ी है। इस कारण नई अन्य ट्रेनों का संचालन भी इसी तर्ज पर शुरु किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2019-20 में महज पीपीपी मॉडल से ही रेलवे ने 17776 करोड़ रुपये की आमदनी की है, जो अभी 31 मार्च तक और बढ़ेगी।








यही कारण है कि बढ़ी आमदनी से रेलवे अब पटरी पर उतरने वाली नई ट्रेनों की जिम्मेदारी पीपीपी मॉडल पर देगी। अब यात्रियों को ट्रेनों में सीटें मिल जाएं और स्टेशन पर बेहतर सुविधाएं हों, इसके लिए प्राइवेट आपरेटरों और इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन (आइआरएसडीसी) की भागीदारी बढ़ाने जा रही है। देश के व्यस्ततम रूटों पर 150 नई ट्रेन चलाई जाएंगी, जिसमें प्राइवेट ऑपरेटर ही टाइम, किराया और ट्रेनों में मिलने वाली सुविधाओं की देखरेख करेंगे।




इन ट्रेनों का किराया मौजूदा समय में दौड़ रही ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा होगा, लेकिन उसमें व्यवस्था ऐसी बनाई जाएगी कि यात्रियों को कंफर्म टिकट ही मिले। इसी प्रकार ए-प्लस कैटेगरी के रेलवे स्टेशन को आइआरएसडीसी के जिम्मे कर दिया जाएगा, जो अलग-अलग प्राइवेट कंपनियों को टेंडर देगी जिसमें रेलवे का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। पीपीपी मॉडल में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन प्राइवेट कंपनियों को जमीन पर होटल, कॉमशिर्यल कॉम्पलेक्स, फूड प्लाजा का निर्माण करवा सकती है। रेलवे का मानना है कि प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी जितनी अधिक बढ़ेगी उतना ही यात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी।




दिल्ली से लखनऊ, मुंबई से अहमदाबाद के बीच प्राइवेट ट्रेन रहा फायदेमंद ’ अन्य ट्रेनों का संचालन भी इसी तर्ज पर शुरू किया जाएगा

900 हेक्टेयर जमीन की जाएगी कब्जामुक्त

आमदनी बढ़ाने के लिए एक कदम लगभग 900 हेक्टेयर जमीन को कब्जामुक्त करने की है। रेलवे के 16 जोन में से उत्तर रेलवे में सबसे अधिक जमीन भू-माफिया ने दबा रखी है। आश्यर्चजनक बात यह है कि उत्तर रेलवे का मुख्यालय दिल्ली में ही है। शनिवार को आम बजट 2020-21 में रेलवे की जमीन पर सोलर उर्जा प्लांट लगाने की घोषणा होने के बाद अब जमीनों से कब्जा छुड़वाने की दिशा में रेलवे कदम बढ़ाएगा।

 

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.