रेल को रफ्तार: तेजस जैसी 44 ट्रेनों के साथ 150 प्राइवेट ट्रेनों की योजना

| February 2, 2020

रेलवे ने पूरे देश में किसान ट्रेन चलाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इससे दूध, दही, सब्जियां, फल और मीट जैसी जल्द खराब होने वाली चीजों को पूरे देश में पहुंचाया जा सकेगा। कोल्ड चेन के जरिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पहले से रेलवे इस पर काम कर रहा है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव के मुताबिक रेलवे अभी रेगुलर ट्रेन के साथ ही रेफ्रिजरेटेड वैन जोड़ दी जाती थीं, लेकिन अब पूरे देश में सिर्फ कोल्ड चेन यानी किसान ट्रेन की स्कीम पर काम किया जाएगा।








यादव के मुताबिक अभी रेलवे के पास रेफ्रिजरेटेड पार्सल वैन हैं, जिन्हें रेल फैक्ट्री कोच कपूरथला में डिजाइन किया गया है। रेलवे के पास ऐसी 9 वैन हैं, जिसमें से एक की क्षमता 17 टन सामान लेने की हैं। इस वैन के जरिए सामान भेजने का किराया सामान्य माल भाड़ा से डेढ़ गुना ज्यादा तय किया गया है। इनकी बुकिंग भी राउंड ट्रिप के आधार पर होती है। तापमान नियंत्रित कारगो सेंटर भी बनाए गए हैं। ये दिल्ली में न्यू आजादपुर आदर्शन नगर के पास, यूपी में गाजीपुर घाट और यूपी के ही राजा के तालाब में स्थित हैं। फतवा और मानेश्वर में दो कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए सेंट्रल रेलसाइड वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने मंजूरी दे दी है। दादरी, सोनीपत में भी कॉल्ड स्टोरेज बने हुए हैं। फलों के ले जाने के लिए सब्जियों और दूध के मुकाबले ज्यादा तापमान की जरूरत पड़ती है। रेलवे के पास 80 कंटनेर हैं। एक की क्षमता 12 टन की है।




वित्त मंत्री ने बताया 5500 स्टेशनों पर वाईफाई की सुविधा शुरू हो गई है
इस प्रोजेक्ट पर 110km प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन चलेंगी, इस पर 18600 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे
बंगलुरू में 148 किलोमीटर लंबा रेल नेटवर्क शुरू करने की योजना• विस, नई दिल्ली : बजट में वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि रेल पटरियों के किनारे खाली पड़ी रेलवे की जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बनाई जाएगी। रेलवे ने 51000 हेक्टेयर जमीन की पहचान की है, यहां सोलर प्लांट लगाकर 10 हजार मेगावॉट तक बिजली पैदा की जा सकती है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव के मुताबिक 2030 तक 2005 के मुकाबले 33-35 फीसदी तक खतरनाक गैसों का उत्पादन कम करेंगे। इस दिशा में काम करते हुए रेलवे 2021-22 तक 1000 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्लांट लगाएगा। साथ ही इसी तय समय सीमा में 200 मेगवॉट क्षमता पवन ऊर्जा से भी पैदा की जाएगी। अभी तक रेलवे ने 100.99 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्लांट और 103.4 मेगावॉट पवन ऊर्जा से बिजली लेने के इंतजाम किए हैं। इसी साल मार्च में हरियाणा के दीवाना में 2 मेगावॉट और मध्य प्रदेश के बीना में 1.7 मेगावॉट क्षमता के दो सोलर प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं। इसके साथ साथ रेलवे भिलाई और छत्तीसगढ़ में 50 मेगावॉट के दो सोलर प्लांट लगाने पर काम कर रहा है। जो जनवरी, 2021 में बिजली बनाना शुरू कर देंगे। जून, 2020 तक रेलवे रेलवे के ऑफिसों जी छत और अन्य जगहों पर 245 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्लांट भी शुरू करने जा रहा है।





ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और एयरपोर्ट की तरह रेलवे स्टेशनों के विकास के लिए रेलवे अगले 3 साल में तेजस जैसी 44 ट्रेनें चलाएगा। वहीं, 150 प्राइवेट ट्रेने भी शुरू की जाएंगी। देश के 4 रेलवे स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर देने के बाद अब रेलवे नई दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े स्टेशनों के साथ-साथ 10 और नए रेलवे स्टेशनों का विकास भी पीपीपी आधार पर करने की तैयारी कर रहा है। वहीं, बंगलोर में उपनगरीय 148 किलोमीटर लंबी रेल नेटवर्क शुरू करने का भी प्लान है।

वित्त मंत्री ने बजट में 4 रेलवे स्टेशनों का विकास पीपीपी मॉडल पर करने की घोषणा की है। इन स्टेशनों में नागपुर, अमृतसर, ग्वालियर और साबरमती शामिल हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव के मुताबिक देश के बड़े रेलवे स्टेशन नई दिल्ली और मुंबई सहित 10 और रेलवे स्टेशनों का विकास भी पीपीपी मॉडल पर कराने का प्लान तैयार किया गया है। अगले 3 महीने के अंदर बिडिंग की जाएगी।

यादव ने बताया कि अगले 3 साल के अंदर तेजस जैसी 44 ट्रेनें चलेंगी। वंदेभारत और तेजस अंदर से एक जैसी ही हैं। दोनों में सीटिंग की व्यवस्था है। देश के आईकॉनिक टूरिस्ट स्थानों को इन तेजस जैसी ही ट्रेनों से जोड़ा जाएगा। 150 प्राइवेट ट्रेनें चलाने की योजना पर पहले से ही काम चल रहा है। अब तक ये ट्रेनें चलाने के लिए स्टेकहोल्डर्स के साथ दो मीटिंग हो चुकी हैं। तीसरी मीटिंग सोमवार को होगी। इसके अलावा हाई स्पीड ट्रेन यानि बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच 2024 में दौड़ने लगेगी।

वहीं, बंगलुरू में 148 किलोमीटर लंबी उपनगरीय ट्रेन प्रोजेक्ट की योजना। इस पर 18600 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कर्नाटक सरकार और केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए 20-20 फीसदी हिस्सा देगी व 60 फीसदी हिस्सा लोन लिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 110 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन चलेंगी। इस ट्रैक पर कुल 57 स्टेशन होंगे। रेलवे और राज्य से जमीन मिल गई है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो गई है। एक महीने के अंदर टेंडर में यह प्रोजेक्ट जाएगा। यहां पर किराया मेट्रो सिटी के आधार पर तय किया जाएगा। रेलवे के 5500 स्टेशनों पर वाईफाई की सुविधा शुरू हो गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि अब कोई भी मानव रहित क्रॉसिंग नहीं है। 27000 किलोमीटर रेल लाइनों का इलेक्ट्रिफिकेशन हो गया है।

Category: Indian Railways, News

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