Railway Administration ordered not to depute Class 4 staff in place of clerks

| January 27, 2020

विभिन्न विभागों में क्लेरिकल का काम कर रहे क्लास-डी स्टाफ को तुरंत वहां से हटाकर अपने-अपने काम पर लगाने के लिए रेलवे विभाग ने आदेश जारी किए हैं। इन कर्मचारियों से अधिकारी अपनी सुविधा के लिए क्लेरिकल काम करवा रहे हैं। इसमें फिरोजपुर डिवीजन में सबसे आगे हैं। जहां पर दफ्तरी बाबू खुद काम करने की बजाय क्लास डी स्टाफ से काम करवा रहे हैं। अब यह अधिकारी क्लास-डी के कर्मचारियों से क्लेरिकल का काम नहीं करना सकेंगे।








इसके लिए रेलवे विभाग ने खास तौर पर डिवीजन के सीनियर डिवीजनल इंजीनियर और सभी स्टेशनों के असिस्टेंट डिवीजनल इंजीनियर को आदेश दिया है कि जिन भी विभागों में क्लास-डी स्टाफ काम कर रहे हैं, उन्हें तुरंत वापस अपनी डयूटी पर भेजा जाए और जो अधिकारी उनसे क्लेरिकल काम करवा रहे थे उन्हें चेतावनी दी जाए।




विजीलेंस ने चेकिग के बाद सौंपी थी अपनी रिपोर्ट

रेलवे में क्लास-डी स्टाफ की अचानक कमी महसूस हुई। मगर विभाग के रिकॉर्ड में कर्मचारियों की संख्या पूरी थी। इसी कारण रेलवे के विजीलेंस विभाग की टीम ने विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर जाकर चेकिग की। चेकिंग में पाया कि इंजीनियर विभाग में सबसे अधिक क्लास-डी स्टाफ से काम लिया जा रहा हैं। इसकी रिपोर्ट विजीलेंस ने रेल मंत्रालय और बड़ौदा हाउस को सौंपी थी, जिसके बाद तुरंत इस संबंधी आदेश जारी किए गए हैं।




चहेते गैंगमैन, प्वाइंट मैन, ट्रैक मैन से लिया जा रहा काम

रेलवे में गैंगमैन, प्वाइंट मैन, ट्रैक मैन आदि पदों पर काम कर रहे कर्मचारी क्लास डी स्टाफ में आते हैं। मगर जिस किसी अधिकारी का जो कोई भी चहेता है वह अधिकारी उससे क्लेरिकल का काम करवाता है। ऐसे में क्लास-डी स्टाफ वेतन के बिल, भत्ते के बिल, छुट्टी संबंधी एप्लीकेशन और वेतन का हिसाब बनाने सहित रेलवे के कई गंभीर विषय पर डील कर रहे हैं, जबकि विभाग के नियमों के मुताबिक क्लास-डी स्टाफ इन पदों पर काम नहीं कर सकते हैं। अब अगर ऐसा करता कोई पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी सहित क्लास-डी स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई जी जाएगी।

Category: Indian Railways, News

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