रेलवे का खजाना खाली,रेलवे कर्मियों के भत्ता भुगतान पर रोक

| January 19, 2020

रेलवे की माली हालत ठीक नहीं। हाल में हुई किराया बढ़ोतरी को रेलवे की खराब आर्थिक स्थिति से जोड़ कर पहले से देखा जा रहा था। अब रेलवे का खजाना खाली होने का असर रेलकर्मियों पर भी प्रत्यक्ष रूप से पड़ने लगा है। फंड आवंटन नहीं होने के कारण धनबाद रेल मंडल के कर्मियों के भत्ते के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। कोष आने तक इस पर रोक प्रभावी रहेगी।








देश की सबसे बड़ी नियोक्ता कंपनी रेलवे में वित्तीय संकट गहराने के कारण धनबाद रेल मंडल के हजारों रेल कर्मचारियों के ट्रैवलिंग एलाउंस (यात्रा भत्ता) और ओवर टाइम भत्ते के भुगतान बंद कर दिया गया है। दिसंबर के वेतन के साथ इस बार टीए और ओटी का भुगतान नहीं किया गया।




रेल अधिकारियों का कहना है कि कोष नहीं मिलने के कारण भत्ते का भुगतान प्रभावित हुआ है। इधर कर्मियों के साथ-साथ रेलवे में काम करने वाली एजेंसियों का भुगतान भी बंद कर दिया गया है। ठेका कार्यों का बिल भुगतान फिलहाल नहीं हो रहा है। कोष आवंटन के साथ रेलकर्मियों के टीए और ओटी का एरियर भुगतान किया जाएगा। बताया जा रहा है कि फंड का संकट मार्च तक रहने की आशंका है।




वर्षों बाद बनी ऐसी स्थिति

रेलवे में वित्तीय संकट की कहानी पुरानी है। पहले भी सितंबर और अक्तूबर माह के बाद मार्च तक रेलकर्मियों के भत्ता भुगतान पर रोक लगते रही है। लेकिन पिछले चार-पांच वर्षों में ऐसी स्थिति नहीं बन रही थी। कई वर्षों के बाद फिर से धनबाद रेल मंडल में कर्मियों के भत्तों के भुगतान पर रोक लगाई गई है। सूत्रों की मानें तो कोष की स्थिति नहीं सुधरी तो किलोमीटर व अन्य भत्ते पर भी रोक लगाई जा सकती है। रेल अधिकारियों का कहना है कि फंड मिलते ही कर्मियों का पाई-पाई जोड़कर भुगतान कर दिया जाएगा।

Category: Indian Railways, News

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