10 लाख रुपए से अधिक की गाड़ी खरीदने और विदेश यात्रा करने वालों को सावधान रहने की जरूरत

| January 13, 2020

10 नंबर से इनकम टैक्स विभाग को काफी लगाव है। इसकी सीमा पार करते ही आप इनकम टैक्स विभाग की नजर में आ जाते हैं। आपका सालाना आईटीआर (इनकम टैक्स रिटर्न) 10 लाख रुपए से अधिक का है, या फिर आपने 10 लाख रुपए से अधिक कीमत वाली कार की खरीदारी की है तो आप इनकम टैक्स विभाग के लिए खास बन जाते हैं। फिर विभाग आप पर अलग से नजर रखता है।








इस साल से विदेश भ्रमण करने वाले भी इनकम टैक्स विभाग की नजर में खास होने जा रहे हैं। आपको बता दें कि अगर आपके पास पासपोर्ट हैं तो इस साल आईटीआर भरने के दौरान आपको अपना पासपोर्ट नंबर इनकम टैक्स विभाग को बताना होगा। अगर आपने विदेश भ्रमण पर एक साल के दौरान 2 लाख रुपए अधिक का खर्च किया है तब तो आप आम आदमी वाले आईटीआर-1 फार्म भी नहीं भर पाएंगे।




आईटी विभाग सालाना 10 लाख रुपए से अधिक का आईटीआर भरने वालों को खास लोगों में गिनता

टैक्स एक्सपर्ट एवं चार्टर्ड एकाउंटेंट राज चावला ने बताया कि इनकम टैक्स विभाग सालाना 10 लाख रुपए से अधिक का आईटीआर भरने वालों को खास लोगों में गिनता है। वैसे ही, 10 लाख रुपए से अधिक कीमत वाली कार खरीदने वालों की सूचना विभाग को आसानी से मिल जाती है। क्योंकि 10 लाख से अधिक कीमत वाली कार खरीदने पर खरीदार को 1 फीसदी का टैक्स देना होता है।

मान लीजिए आपने 20 लाख रुपए की कार की खरादारी की। अतिरिक्त  20,000 रुपए आपको उसी समय टैक्स के रूप में विक्रेता को देना होगा। साल के अंत में आईटीआर भरने के दौरान अगर आप पर 1.20 लाख रुपए टैक्स की देनदारी बनती है आप कार कंपनी को टैक्स के रूप में दिए गए 20,000 रुपए को क्लेम कर सकते हैं।

कार कंपनी आपके नाम पर सरकार को 20,000 रुपए का टैक्स भर देगी।  चावला ने बताया कि 10 लाख से अधिक कीमत वाली कार की खरीदारी करने वाले की सूचना और विस्तृत जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देने की जिम्मेदारी कार कंपनी की होती है।




विदेश भ्रमण की पड़ताल क्यों जरूरी

संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड टूरिज्म आर्गेनाइजेशंस के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2019 में 5 करोड़ भारतीयों के विदेश यात्रा करने का अनुमान लगाया गया है। लेकिन 2014-15 के मूल्यांकन वर्ष के लिए सिर्फ 24  लाख भारतीय सालाना 10 लाख रुपए से अधिक की कमाई कर रहे थे।

इनकम टैक्स विभाग सूत्रों के मुताबिक विदेश यात्रा करने वाले लोगों की संख्या करोड़ों में हैं, लेकिन 1.3 अरब की आबादी वाले इस देश में सालाना 10 लाख रुपए से अधिक कमाने वाले लोग सिर्फ 25-30 लाख हैं। यही वजह है कि आईटीआर फार्म में इस साल से पासपोर्ट नंबर भी देना होगा ताकि लोगों के विदेश खर्च और उनकी आय का सही अंदाजा लगाया जा सके।

Category: News, Seventh Pay Commission

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