नीति आयोग अब रेलवे बोर्ड से ऊपर, रेलवे में निजी ट्रेनों को चलाने का मसौदा तैयार

| January 9, 2020

नीति आयोग ने यात्री ट्रेनों के परिचालन में निजी कंपनियों की भागीदारी के नियमों का मसौदा तैयार किया है। इसमें कहा गया है कि निजी कंपनियों की ओर से संचालित ट्रेनें अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। किसी मार्ग पर निजी ट्रेन के खुलने के 15 मिनट बाद ही दूसरी ट्रेन को हरी झंडी दिखाने की इजाजत होगी।








आयोग की वेबसाइट पर कई मसौदे रखे गए हैं, ताकि इस संबंध में सार्वजनिक सुझाव आ सकें। इन मसौदों में परियोजना की मुख्य विशेषताओं की जानकारी, पात्रता के लिए अनुरोध-पत्र (आरएफक्यू), छूट संबंधी समझौते के मार्गदर्शक सिद्धांत, परियोजना सूचना ज्ञापन (पीआईएम) के लिए मसौदा दस्तावेज शामिल हैं। वेबसाइट पर निजी परिचालकों को सौ मार्ग पर 150 ट्रेनों को परिचालन की छूट देने की योजना रेखांकित की गई है। आयोग का अनुमान है कि इससे 22500 करोड़ रुपये का निजी निवेश आ सकता है।




मसौदा नियमों के मुताबिक निजी ट्रेन से किसी खास मार्ग पर यात्रा करने में उस मार्ग पर चलने वाली सबसे तेज गति की रेलगाड़ी से दस फीसदी कम या ज्यादा समय लग सकता है। इसमें कहा गया है कि भारतीय रेलवे निजी ऑपरेटरेटरों की रेलगाड़ियों के साथ कोई भेदभाव नहीं करेगा। निजी कंपनियों की ट्रेन के खुलने के तयशुदा समय के 15 मिनट के भीतर पहले से चलने वाली कोई ट्रेन उसी मूल गंतव्य स्थान में उस विशेष समय में नहीं चलेगी।

दस्तावेज के अनुसार यात्री ट्रेनों का संचालन और रखरखाव अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) की ओर से तय मानक के अनुरूप होगा।




विलय के समर्थन में आया आईआरपीओएफ इंडियन रेलवे प्रमोटी ऑफिसर्स फेडरेशन (आईआरपीओएफ) अपने काडर के विलय की मंत्रालय की योजना के समर्थन में सामने आया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल को छह जनवरी को लिखे पत्र में यूनियन के महासचिव रमन कुमार शर्मा ने कहा कि आईआरपीओएफ ने रेलवे में बदलावों का समर्थन करने का फैसला किया है। 27-28 दिसंबर को हुई आमसभा की वार्षिक बैठक में इसके पुनर्गठन पर चर्चा के बाद यह पत्र लिखा गया है।

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