रेलवे बोर्ड चेयरमैन को ट्रेन में सिर दर्द की दवा न मिलने का मामला गर्माया, डॉक्टरों पर सख्ती शुरू

| January 5, 2020

चेयरमैन रेलवे बोर्ड (सीआरबी) वीके यादव के सैलून तक सेंट्रल स्टेशन पर सिरदर्द की दवा न पहुंच पाने के मामले के बाद लोको अस्पताल के डॉक्टरों पर सख्ती शुरू हो गई है। ट्रेन में सफर कर रहे किसी यात्री की तबीयत खराब होने पर अगर कंट्रोल रूम में मैसेज आएगा, तो डॉक्टरों को मरीज की ट्रेन स्टेशन पर आने के पहले वहां पहुंचना होगा।








कानपुर सेंट्रल स्टेशन के निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि सीआरबी के स्टाफ में शामिल किसी सदस्य को दवा की जरूरत थी। मेडिकल स्टाफ स्टेशन पहुंचा भी था, लेकिन दवा सीआरबी के स्टाफ को डिलीवर नहीं हो पाई। इमरजेंसी की स्थिति नहीं थी।




रेल यात्रियों के बीमार पड़ जाने पर इलाज की समुचित व्यवस्थाएं की जाती हैं। जरूरत पड़ने पर इसके लिए ट्रेन को निर्धारित समय से ज्यादा देर के लिए रोक तक लिया जाता है। लोको डॉक्टरों को सख्त निर्देश हैं कि अगर किसी यात्री के बीमार होने की सूचना आती है, तो पहले ही स्टेशन के उस प्लेटफार्म पर पहुंच जाएं, जिस पर ट्रेन को आना हो।




डॉक्टरों के पहुंचने की मॉनिटरिंग की जा रही है। रेलवे की मेडिकल सुविधाओं के संबंध में यदि किसी यात्री को इस बारे फीडबैक देना हो, तो वह प्लेटफार्म नंबर एक के डिप्टी एसएस कार्यालय में दर्ज करा सकता है।

Source:- AU

Category: News

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